सोने-चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल, गोल्ड ₹1.55 लाख के पार और चांदी 2 लाख 45 हजार रुपये प्रति किलो पहुंची, अमेरिका-ईरान तनाव से बाजार में मची खलबली
GOLD AND SILVER PRICE NEW DELHI: ग्लोबल जियोपॉलिटिकल तनाव (Global geopolitical tensions) के कारण आज बुलियन मार्केट (bullion market) में जबरदस्त तेजी (tremendous speed) देखी जा रही है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (Multi Commodity Exchange) (MCX) पर सोने की कीमतें 0.2 प्रतिशत बढ़कर ₹1,55,365 प्रति 10 ग्राम के नए हाई पर पहुंच गईं, जबकि चांदी 1 प्रतिशत बढ़कर ₹2,45,874 प्रति kg पर ट्रेड कर रही है। US और ईरान के बीच बढ़ते मिलिट्री तनाव (military tension) और प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) द्वारा दी गई 15 दिन की मोहलत ने इन्वेस्टर्स को सुरक्षित इन्वेस्टमेंट (The moratorium has given investors a safe investment.) की ओर मोड़ दिया है, जिससे घरेलू बाजार में कीमती मेटल (Precious metals in the domestic market) की कीमतें आसमान छू (prices skyrocketed) रही हैं।
जहां इंटरनेशनल मार्केट (international market) में स्पॉट गोल्ड (spot gold) $4,995 के करीब बना हुआ है, वहीं डॉलर इंडेक्स की मजबूती ने ग्लोबल (The strength of the dollar index has boosted global) लेवल पर कीमतों की रफ्तार (price movement) को थोड़ा कम किया है। इस बीच, भारतीय निवेशकों (Indian investors) को राहत देते हुए, MCX और NSE ने कीमती धातुओं (precious metals) पर लगाया गया ज़्यादा मार्जिन वापस (margin back) ले लिया है। गोल्ड फ्यूचर्स (gold futures) पर 3% और सिल्वर फ्यूचर्स (silver futures) पर 7% का एक्स्ट्रा मार्जिन (extra margin) अब खत्म कर दिया गया है। लूनर न्यू ईयर के कारण चीन और सिंगापुर जैसे मुख्य एशियाई बाज़ारों में छुट्टियों (Holidays in major Asian markets) के कारण भी ट्रेड वॉल्यूम पर असर (impact on trade volume) पड़ा है।
मार्केट एनालिस्ट (market analyst) का मानना है कि अगर खाड़ी क्षेत्र में तनाव (tension in the gulf region) और बढ़ता है, तो सोना जल्द (sleep soon) ही ₹1,60,000 के लेवल को पार कर सकता है। टेक्निकल चार्ट (technical chart) के अनुसार, ₹1,50,000 सोने के लिए एक मज़बूत सपोर्ट लेवल (strong support level) है, जबकि चांदी (Silver) के लिए ₹2,68,000 का रेजिस्टेंस लेवल (resistance level) देखा जा रहा है। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि निवेशक मौजूदा उतार-चढ़ाव (current fluctuations) को देखते हुए सावधानी बरतें (be careful) , क्योंकि डॉलर की मज़बूती और ग्लोबल इकोनॉमिक डेटा से कीमतों (Prices from global economic data) में अचानक उतार-चढ़ाव (sudden fluctuations) हो सकता है।





