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US ने भारत को रूसी तेल खरीदने की छूट दी, कहा मुश्किल समय में भारत एक ज़िम्मेदार पार्टनर

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🕒 Updated: 11 Mar 2026, 05:06 AM

US ने भारत को रूसी तेल खरीदने की छूट दी, कहा मुश्किल समय में भारत एक ज़िम्मेदार पार्टनर

पश्चिम एशिया (west asia) में चल रहे युद्ध (war) के बीच US ने भारत को 30 दिनों के लिए रूसी तेल (Russian oil) खरीदने की इजाज़त दी है, क्योंकि उसे एक ज़िम्मेदार और भरोसेमंद साथी के तौर (as a trusted partner) पर देखा गया है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

पश्चिम एशिया में युद्ध ने दुनिया भर में एनर्जी सप्लाई (The war disrupted energy supplies around the world.) को लेकर गहरा संकट पैदा (create a deep crisis) कर दिया है। ऐसे समय में व्हाइट हाउस (the White House) ने भारत को लेकर एक बहुत बड़ा और राहत भरा फ़ैसला लिया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन (White House Press Secretary Caroline)  लैविट ने मंगलवार को भारत को रूसी तेल खरीदने की इजाज़त दी। अमेरिका का मानना ​​है कि भारत हमेशा से एक ज़िम्मेदार देश रहा है और मुश्किल समय में उसके साथ खड़ा रहा है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

भारत को मिली बड़ी राहत
ईरान और इज़राइल के बीच चल रहे भयंकर संघर्ष ने दुनिया भर में तेल सप्लाई (Fierce conflict has disrupted oil supplies worldwide)  को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसे देखते हुए US ने भारत को अगले 30 दिनों के लिए रूस से कच्चा तेल खरीदने (Buying crude oil from Russia) की खास छूट दी है। यह फ़ैसला इसलिए लिया गया ताकि युद्ध के कारण बढ़ती कीमतों से भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian economy from prices) पर बुरा असर न पड़े।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

ज़िम्मेदार पार्टनर की पहचान
कैरोलीन लैविट ने कहा कि भारत एक भरोसेमंद साथी 9India a reliable partner) रहा है जिसने पहले रूसी तेल खरीदना बंद (stop buying Russian oil) कर दिया था। ईरान की हरकतों से हुई तेल की कमी को पूरा करने के लिए यह एक शॉर्ट-टर्म फैसला है। व्हाइट हाउस का मानना ​​है कि मौजूदा ग्लोबल हालात में भारत जैसे पार्टनर्स (Partners like India in the global situation) की मदद करना बहुत ज़रूरी हो गया है।

 

 

 

 

 

 

 

 

रूस को कोई बड़ा फ़ायदा नहीं होगा
अमेरिका ने साफ़ कर दिया है कि इस छूट से रूसी सरकार को कोई बड़ा आर्थिक फ़ायदा होने की उम्मीद नहीं है। यह तेल पहले से ही समुद्र में जहाजों में था, जिसे अब भारत को खरीदने की इजाज़त मिल गई है। नेशनल सिक्योरिटी टीम (National Security Team) और ट्रेजरी सेक्रेटरी ने पूरी जांच के बाद ही भारत के हित में यह बड़ा कदम उठाया है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

युद्ध का बढ़ता खतरा
28 फरवरी को शुरू हुआ अमेरिका-इज़राइल और ईरान का युद्ध अब अपने दूसरे हफ़्ते में पहुँच गया है। होर्मुज की खाड़ी (Strait of Hormuz) में चल रहे तनाव के कारण इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों (Crude oil prices in the international market) में उतार-चढ़ाव जारी है। ऐसे मुश्किल दौर में भारत को यह छूट देश की एनर्जी सिक्योरिटी (Country’s energy security)  को मज़बूत करने में अहम भूमिका निभाएगी (will play a key role) ।

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