वाटर रिसोर्स बनाम जल निगम: पाइपलाइन बिछाने को लेकर विवाद बढ़ा, ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज
SIDHI NEWS: पाइपलाइन बिछाने में लापरवाही (Negligence in laying pipeline) के कारण नहर को नुकसान हो रहा है। नल-जल योजना के ठेकेदार (tap water scheme contractor) ने बाणसागर प्रोजेक्ट (project) के सिहावल नहर सब-डिवीजन रामपुर नैकिन के शिकारगंज डिस्ट्रीब्यूटरी (Shikarganj Distributory) की नहर को बिना परमिशन के अवैध रूप (illegally without permission) से नुकसान पहुंचाने की शिकायत पुलिस से की है।
रिपोर्ट (Report) में कहा गया है कि नल-जल योजना के ठेकेदार (tap water scheme contractor) द्वारा बिना परमिशन के नहर की अवैध खुदाई (Illegal digging of canal without permission) की जा रही है। बाणसागर योजना की शिकारगंज डिस्ट्रीब्यूटरी की RD 27 और 30 के बीच LCC कंपनी द्वारा नहर की अवैध खुदाई (illegal digging) की जा रही है। काम की जगह पर मौजूद कंपनी मैनेजर ने खुदाई न रोकने की धमकी दी और डिपार्टमेंट के कर्मचारियों (department employees) से गाली-गलौज की। अवैध माइनिंग से नहर के ऑपरेशन में रुकावट (interruption in operation) आएगी और रवि सीजन में किसानों को पानी नहीं मिल पाएगा। इससे खेती पर बुरा असर पड़ेगा। नहर की अवैध माइनिंग को तुरंत रोकने की मांग (Demand for immediate halt to illegal mining) की गई है। इस बीच, जल संसाधन अधिकारियों (water resources officers) का कहना है कि महाप्रबंधक जल निगम (General Manager Jal Nigam) को पत्र क्रमांक 2007, दिनांक 1 अगस्त 2025 में पाइपलाइन बिछाने की शर्तों (Pipeline laying conditions) के अधीन अनुमति दी गई थी। अनुमति की शर्तों में कहा गया था कि नहर में मिट्टी, पत्थर और नहर को कोई नुकसान नहीं होना चाहिए। यदि नहर को कोई नुकसान होता है, तो इसे फिर से बनाने/यथास्थिति बहाल करने की पूरी जिम्मेदारी जल निगम/निर्माण एजेंसी (construction agency) की होगी। पाइपलाइन बिछाने (laying pipeline) के काम का निरीक्षण प्रभारी (inspection in charge) उप अभियंता से अवश्य कराएं अन्यथा एनओसी रद्द मानी जाएगी। किसी भी तरह के कोर्ट केस की जिम्मेदारी जल निगम सीधी (Jal Nigam Direct Responsibility) की होगी। नहर के एलिमेंट और क्रॉस सेक्शन को अपरिवर्तित रखना सुनिश्चित (Ensure that the cross section remains unchanged) करें, किसी भी बदलाव की स्थिति में सुधार की जिम्मेदारी जल निगम की होगी। पाइपलाइन बिछाने का समय 16 सितंबर 2025 से बढ़ाकर 14 अक्टूबर 2025 और 16 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 करने की अनुमति दी गई है।
जल संसाधन-जल निगम आमने-सामने
बघवार जोन में नल-जल योजना (tap water scheme) के तहत JCB मशीन से खुदाई के कारण नहर भी जगह-जगह से क्षतिग्रस्त (damaged) हो गई है। विवाद तब बढ़ गया जब जल संसाधन कर्मचारियों को मौके (Opportunities for water resources workers) पर मनमाना काम करने से रोका गया। जल संसाधन अधिकारियों 9water resources officers) ने कहा है कि खेती के मौसम में जब नहर में पानी चल रहा हो तो काम करने की अनुमति नहीं है। वही जल निगम का काम महत्वपूर्ण (The work of the Jal Nigam is important) है, उसमें मनमानी हो रही है।
इनका कहना है
बघवार के पास नहर क्षेत्र में NOC मिलने के बाद काम शुरू किया गया था। जहां तक कंडीशनल NOC मिलने की बात है, तो समय पर उनकी पाइपलाइन (line pipe) बिछाने का काम भी हाई प्रायोरिटी है। पाइपलाइन बिछाने (laying pipeline) का काम नहर के ऊपरी हिस्से में हो रहा है, इसलिए कोई नुकसान नहीं हुआ है। मौके पर देखकर भी काम को समझा जा सकता है। प्रकाश सिंघई, जनरल मैनेजर LCC कंपनी कॉन्ट्रैक्टर जल निगम-सीधी
पहले बघवार साइड में नहर एरिया में पाइपलाइन (pipeline in canal area) के काम के लिए कंडीशनल NOC दी गई थी। NOC में साफ लिखा है कि खेती के मौसम में जब नहर में पानी चलेगा, पाइपलाइन का काम नहीं (no plumbing work) होगा। लेकिन, काम मनमाने तरीके से किया जा रहा है, जिससे नहर जगह-जगह डैमेज हो रही है। अब नहर में पानी चलने की वजह से 31 मार्च तक नई NOC जारी नहीं होगी।
एस.एस. तिवारी, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर वाटर रिसोर्स डिवीजन (Executive Engineer Water Resources Division) नंबर 2 सिंगरौली





