Gwalior MP:डीआईजी राजेश सिंह चंदेल समेत चार पुलिसकर्मियों पर डकैती का केस दर्ज करने ग्वालियर कोर्ट के आदेश!
ग्वालियर कोर्ट का सख्त रुख, 22 जून को सभी को कोर्ट में पेश होने के निर्देश 30 लाख की वसूली और फंसाने के आरोप, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
ग्वालियर .मध्य प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और वर्तमान में भोपाल ग्रामीण में पदस्थ डीआईजी राजेश सिंह चंदेल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्वालियर की विशेष अदालत ने 2023-24 के एक मामले में सख्त रुख अपनाते हुए तत्कालीन एसपी राजेश सिंह चंदेल सहित तीन अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ लूट और डकैती जैसी गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
अतिरिक्त जिला न्यायाधीश सुनील दंडोतिया ने परिवाद स्वीकार करते हुए सभी आरोपियों को 22 जून 2026 को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने के लिए तलब किया है।
30 लाख की वसूली का आरोप
परिवादी अनूप राणा का आरोप है कि जब चंदेल ग्वालियर में एसपी थे, तब थाटीपुर थाना प्रभारी सुरेंद्र नाथ यादव, एसआई अजय सिंह सिकरवार और साइबर आरक्षक संतोष वर्मा ने एक प्रकरण खत्म करने के बदले लगभग 30 लाख रुपये वसूले। शिकायत करने पर उल्टा उन्हें ही झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजने का आरोप लगाया गया है।
सुनवाई के दौरान थाना परिसर का सीसीटीवी फुटेज मांगे जाने पर पुलिस ने पुराने फुटेज डिलीट होने की बात कही, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई। कोर्ट ने टिप्पणी की कि इतनी बड़ी रकम की वसूली वरिष्ठ अधिकारियों की जानकारी या संरक्षण के बिना संभव नहीं लगती।
अदालत ने आईपीसी की धारा 395 यानी डकैती और 120-बी यानी आपराधिक षड्यंत्र के तहत मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। कानूनी जानकारों का कहना है कि इतनी गंभीर धाराओं में अग्रिम जमानत निचली अदालत से मिलना मुश्किल होता है, ऐसे में आरोपियों को राहत के लिए हाईकोर्ट जाना पड़ सकता है।आदेश के बाद प्रदेश के पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।





