Rewa MP: पुलिस का पॉकेट गवाह निकला नशे का कुख्यात तस्कर पुलिस पर तस्करी के दलदल में धकेलने का लगा आरोप,,
रीवा । एक तरफ जहां रीवा जोन के आइजी अवैध नशे के विरुद्ध अभियान चलाकर तस्करों की हालत खराब कर रहे है तो वहीं कानून व्यवस्था की रखवालो पर भी नजर रखने की जरूरत है क्योंकि जिस तरह से आज नशे के तस्कर को पकड़ने के बाद हालात सामने आए हैं उसके मायने वर्दी पर दाग लगते के लिए काफी है सिविल लाइंस थाना अंतर्गत पकड़ी गई 600 सीसी नशीली कफ सिरप और आरोपी कानून के रखवालों और अपराधियों के बीच के कथित गठजोड़ को उजागर करते हैं हो सकता है यह कार्यवाही नवागत पुलिस अधीक्षक कार्यशैली को परिभाषित करती हो लेकिन सवाल तो यही उठता है कि आखिर सिविल लाइंस थाने में सैकड़ों मामलों में पुलिस का पॉकेट गवाह बनकर रहने वाला युवक प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप की तस्करी का मास्टरमाइंड कैसे निकला।
नगर पुलिस अधीक्षक के विशेष दस्ते ने मंगलवार देर शाम एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए मुख्य आरोपी और उसकी एक महिला मित्र को भारी मात्रा में नशीली दवाओं के साथ हिरासत में लिया है।मिली जानकारी के अनुसार नगर पुलिस अधीक्षक डॉ. रितु उपाध्याय के नेतृत्व में गठित विशेष दस्ते ने मंगलवार की देर शाम घेराबंदी कर मोहन जोशी उर्फ भूपेश को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम ने आरोपी के कब्जे से 600 सीसी से अधिक प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप बरामद की हैं।
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नशा तस्करी में सहयोग करने के आरोप में युवक की एक महिला मित्र को भी गिरफ्तार किया है पुलिस के प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह लंबे समय से शहर में युवाओं को नशे की खेप सप्लाई कर रहा था पुलिस की यह कार्रवाई काबिले तारीफ है इससे इनकार नहीं किया जा सकता और सीएसपी डॉ रितु उपाध्याय की कार्यशैली बेहतर रही है।
इस गिरफ्तारी के बाद सिविल लाइंस थाने में उस वक्त हड़कंप मच गया जब आरोपी मोहन जोशी की मां ने पुलिस विभाग पर ही गंभीर आरोप लगाए की मेरा बेटा थाने के पास चाय की दुकान चलाता था पुलिस ने उसे डरा धमकाकर या लालच देकर सैकड़ों मामलों में सरकारी गवाह बनाया और विभिन्न कार्रवाइयों में जो नशीली सामग्री जब्त की जाती थी उसे सिविल लाइंस थाने के कुछ पुलिसकर्मी उनके बेटे के माध्यम से ही बाजार में बिकवाते थे परिजनों ने यह भी दावा किया है कि पुलिस के संपर्क में रहने और पुलिस वालों के लिए अवैध काम करने के कारण ही मोहन नशे के इस दलदल में फंसा है।
इसे पूरे मामले में नगर पुलिस अधीक्षक डॉ. रितु उपाध्याय का कहना है कि आरोपी मोहन जोशी उर्फ भूपेश और उसकी महिला मित्र के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर हैं इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच के दौरान यदि किसी भी पुलिसकर्मी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।





