इजराइल-ईरान युद्ध के 20वें दिन भारी तबाही, ईरान के इंटेलिजेंस मिनिस्टर की मौत की पुष्टि, खाड़ी देशों में गैस प्लांट और तेल के खेतों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से भारी हमले
NEW DELHI: ईरान पर US और इजराइल के हमलों (attacks) का आज 20वां दिन है, और युद्ध रुकने का कोई संकेत नहीं (There is no sign of the war stopping.) दिख रहा है। ताज़ा रिपोर्ट्स (latest reports) के मुताबिक, ईरान के इंटेलिजेंस मिनिस्टर (Iran’s Intelligence Minister) इस्माइल खतीब एक हमले में मारे गए हैं, जिसकी पुष्टि प्रेसिडेंट मसूद पेजेशकियन (Confirmed by President Masoud Pezeshkian) ने की है। पिछले 48 घंटों में, ईरान ने अपने तीन सबसे ताकतवर मिलिट्री (powerful military) और सिक्योरिटी चीफ (security chief) —अली लारीजानी, गुलामरेज़ा सुलेमानी और अब इस्माइल खतीब को खो दिया है। इस बड़े नुकसान के जवाब में, ईरान ने इजराइल और पड़ोसी खाड़ी देशों (neighboring gulf countries) पर अपने हमले तेज़ कर दिए हैं, जिससे पूरे वेस्ट एशिया में युद्ध की आग भड़क उठी (The fire of war erupted in West Asia) है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई से खाड़ी देशों की इकॉनमी की रीढ़ (The backbone of the Gulf economy) माने जाने वाले एनर्जी हब पर गहरा संकट मंडरा (Energy hub faces serious crisis) रहा है। कतर में नैचुरल गैस प्रोसेसिंग का ग्लोबल हब (Global hub for natural gas processing in Qatar) , रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी, ईरानी मिसाइल हमलों के बाद भीषण आग की चपेट (caught in a massive fire) में आ गया है। इस बीच, अबू धाबी में हबशान गैस प्लांट और बाब ऑयलफील्ड को भी मिसाइल के मलबे (The Bab oilfield was also hit by missile debris.) से भारी नुकसान हुआ है, जिससे ऑपरेशन रोक (stop operation) दिया गया है। सऊदी अरब और कुवैत में भी बुधवार को ईरान ने मिसाइलों और ड्रोन की बौछार (drone shower) की, जिन्हें एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक दिया। इन हमलों ने ग्लोबल LNG (Global LNG) और तेल सप्लाई चेन (oil supply chain) पर बुरा असर डाला है।
ग्लोबल एनर्जी संकट (global energy crisis) के बीच, तेहरान ने साफ कर दिया है कि वह होर्मुज स्ट्रेट के ज़रिए शिपिंग (Shipping through the Strait of Hormuz) और तेल ट्रांसपोर्ट (oil transport) पर अपनी पकड़ कमजोर नहीं होने देगा। इस रास्ते को दुनिया के तेल व्यापार के लिए लाइफलाइन (Lifeline for the world’s oil trade) माना जाता है। ईरानी अधिकारियों (Iranian officials) के इस सख्त रुख और खाड़ी देशों में एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर (Energy Infrastructure) को निशाना बनाने से इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों (Targeting crude oil prices in the international market) में बहुत ज़्यादा उछाल आने की उम्मीद (expected to surge) है। सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स (Security Experts) का मानना है कि अगर यह टकराव ऐसे ही जारी रहा, तो ग्लोबल इकॉनमी को भारी मंदी (The global economy is in a severe recession) का सामना करना पड़ सकता है। इस समय, इस इलाके में तनाव अपने पीक पर है और मानवीय संकट गहराता (humanitarian crisis deepens) जा रहा है।





