हवाई यात्रा महंगी हुई, एयर इंडिया और इंडिगो ने किराया ₹16,000 बढ़ाया, युद्ध की वजह से तेल की कीमतों में उछाल और रूट बदलने से एयरलाइंस का खर्च बढ़ा
NEW DELHI: पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध (deepening war) और ग्लोबल तेल बाज़ार (global oil market) में उथल-पुथल का अब हवाई यात्रियों (air traveler) की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। देश की बड़ी एयरलाइंस (Big airlines of the country) —एयर इंडिया, इंडिगो (Air India, Indigo) और अकासा एयर—ने एविएशन फ्यूल (ATF) की बढ़ती कीमतों और ऑपरेशनल कॉस्ट (operational cost) को देखते हुए ‘फ्यूल सरचार्ज’ फिर से शुरू कर दिया है। एविएशन एक्सपर्ट्स (Aviation Experts) का अनुमान है कि आने वाले दिनों में हवाई किराए में 20% तक की भारी बढ़ोतरी हो सकती है। खासकर इंटरनेशनल रूट पर यात्रा (travel on international routes) करना अब पहले से कहीं ज़्यादा महंगा (more expensive) हो जाएगा, जिसका विदेशी टूरिज्म और विदेश में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के बजट (Budget for students studying abroad) पर बुरा असर पड़ना तय है।
ईरान और इज़राइल के बीच चल रहे संघर्ष (Conflict) ने न केवल कच्चे तेल की सप्लाई (crude oil supply) पर असर डाला है, बल्कि सुरक्षा कारणों से एयरलाइंस (Airlines for security reasons) को पश्चिम एशियाई एयरस्पेस का इस्तेमाल (Use of West Asian airspace) करने से भी बचना पड़ रहा है। रूट बदलने की वजह से फ़्लाइट्स की दूरी और समय बढ़ गया है, जिससे फ़्यूल की खपत, क्रू का खर्च और टेक्निकल डाउनटाइम की लागत में ज़बरदस्त बढ़ोतरी (The cost of technical downtime is increasing significantly.) हुई है। एयर इंडिया ने इंटरनेशनल रूट्स (Air India International Routes) पर $10 से लेकर नॉर्थ अमेरिका के लिए $200 (करीब ₹16,600) तक का सरचार्ज लगाना शुरू कर दिया है। वहीं, इंडिगो ने दूरी के हिसाब से ₹425 से ₹2,300 तक का सरचार्ज लगा दिया है, जिससे हवाई सफ़र आम आदमी की ‘पहुँच’ से बाहर हो गया है।
एविएशन एक्सपर्ट (aviation expert) संजय लज़ार के मुताबिक, लंबे रूट्स और बढ़ते इंश्योरेंस प्रीमियम (insurance premium) की वजह से असल किराए में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है। उदाहरण के लिए, यूरोप जैसे रूट्स पर चार लोगों के परिवार पर अब करीब ₹50,000 का एक्स्ट्रा बोझ पड़ेगा। दूसरी ओर, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन (Directorate General of Civil Aviation) (DGCA) ने यात्रियों को राहत देने के लिए 60% सीटें फ़्री देने जैसे नए नियम जारी किए हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि एयरलाइंस इन नियमों (airlines these rules) से होने वाले नुकसान की भरपाई भी आख़िरकार यात्रियों से ही करेंगी। फिलहाल, ग्लोबल हालात को देखते हुए, जल्द ही किराए में कमी की कोई संभावना नहीं है।





