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होर्मुज को खोलने के लिए प्लान B तैयार, जापान-UK समेत 6 देशों ने हाथ मिलाया, सुरक्षित रास्ता बनाने को तैयार

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🕒 Updated: 20 Mar 2026, 06:47 AM

होर्मुज को खोलने के लिए प्लान B तैयार, जापान-UK समेत 6 देशों ने हाथ मिलाया, सुरक्षित रास्ता बनाने को तैयार

यूरोप और जापान ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में जहाजों की सुरक्षा (safety of ships) और एनर्जी सप्लाई को स्थिर (stabilize energy supply) रखने के लिए मिलकर कोशिश करने का ऐलान (declare to try) किया, ईरान के हमलों की निंदा की और प्रोडक्शन बढ़ाने का भरोसा (Confidence to increase production) जताया।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

यूरोप और जापान ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz)  में बढ़ते तनाव को लेकर अहम कदम उठाने के संकेत दिए हैं। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड और जापान ने एक जॉइंट बयान जारी कर कहा है कि वे इस अहम समुद्री रास्ते (important sea routes) से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पक्का (Ensuring safe passage of ships) करने के लिए तैयार हैं। बयान में ईरान के हालिया हमलों की कड़ी निंदा (Strongly condemn the recent attacks) की गई।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर ज़ोर
इन देशों ने ग्लोबल एनर्जी सप्लाई (Countries have contributed to the global energy supply) पक्का करने के लिए प्रोडक्शन (production) बढ़ाने और प्रोड्यूस करने वाले देशों के साथ मिलकर मार्केट को स्टेबल (market stable) करने का वादा किया है। होर्मुज स्ट्रेट कच्चे तेल (Strait of Hormuz crude oil) और LPG की ग्लोबल सप्लाई का एक बड़ा रास्ता है, और ईरान के ड्रोन और एक्सप्लोसिव बोट्स से मर्चेंट वेसल पर हमलों (Attacks on merchant vessels with explosive boats) के बाद यहां शिपिंग लगभग रुक गई है। सैकड़ों जहाज स्ट्रेट के बाहर फंसे हुए हैं, जिससे भारत और दूसरे देशों को सप्लाई में रुकावट (Supply disruptions to countries) आ रही है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

तनाव तब बढ़ गया जब ईरान ने खाड़ी इलाके में तेल और गैस (gas)  की जगहों पर जवाबी हमले किए। इन हमलों से कतर और सऊदी अरब में खास एनर्जी हब (Special energy hub in Saudi Arabia) को नुकसान पहुंचा और प्रोडक्शन में गिरावट (decline in production) आई। बयान में कहा गया है कि ये देश प्रोडक्शन (country production) बढ़ाने और ग्लोबल मार्केट पर दबाव (pressure on global market) कम करने के लिए प्रोड्यूस करने वाले देशों के साथ काम करने का प्लान बना रहे हैं। साथ ही, उन्होंने ईरान से तुरंत हमले रोकने और इलाके में स्थिरता बनाए रखने को कहा।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

दुनिया भर में हमलों का असर
बयान में चेतावनी (warning in statement) दी गई है कि इन हमलों का असर सिर्फ इलाके तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया भर में महसूस (feel around the world) किया जाएगा, खासकर कमजोर लोगों पर। इसके अलावा, समुद्री ट्रैफिक में दखल और एनर्जी सप्लाई चेन में रुकावटें इंटरनेशनल शांति (Disruptions in the energy supply chain International Peace) और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे (Serious threats to security) हैं। सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर (Civilian Infrastructure) और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों (Attacks on energy infrastructure) पर “पूरी रोक” लगाने की भी मांग की गई है। इस पहल से होर्मुज स्ट्रेट और एनर्जी मार्केट (energy market) की स्थिरता पक्की होने की उम्मीद (hope to be confirmed)  है।

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