---Advertisement---

लॉजिस्टिक्स को सुरक्षित करने के लिए स्वदेशी कोल्ड-चेन टेक्नोलॉजी क्यों विकसित करें: फिक्की-ग्रांट थॉर्नटन रिपोर्ट?

Google News
Follow Us
---Advertisement---
🕒 Updated: 20 Mar 2026, 10:08 AM

लॉजिस्टिक्स को सुरक्षित करने के लिए स्वदेशी कोल्ड-चेन टेक्नोलॉजी क्यों विकसित करें: फिक्की-ग्रांट थॉर्नटन रिपोर्ट?

New Delhi, March 20:   भारत को घरेलू परिस्थितियों (India’s domestic situation) के अनुरूप आयातित कोल्ड-चेन टेक्नोलॉजी (Imported cold-chain technology) पर अपनी निर्भरता कम (less dependency) करने के लिए अपने खुद के रोबोटिक्स, सेंसर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल विकसित (Artificial intelligence tools developed) करने की सलाह दी गई है। गुरुवार को शीर्ष उद्योग निकायों फिक्की और ग्रांट थॉर्नटन इंडिया (Grant Thornton India) द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत को घरेलू परिस्थितियों (India’s domestic situation) के अनुरूप आयातित कोल्ड-चेन टेक्नोलॉजी (Imported cold-chain technology) पर अपनी निर्भरता (dependency) कम करने के लिए अपने खुद के रोबोटिक्स (robotics) , सेंसर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल विकसित (Artificial intelligence tools developed) करने की सलाह दी गई है। फिक्की के किटिशक्ती समिट (FICCI’s Kitshakti Summit) में ‘भारत के लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम (India’s logistics ecosystem) को फिर से आकार देना: वेयरहाउसिंग, कोल्ड-चेन और टेक्नोलॉजी की भूमिका (role of technology) ‘ विषय पर प्रस्तुत की गई इस रिपोर्ट (Report) में कहा गया है कि कोल्ड-चेन ऑटोमेशन के लिए एक राष्ट्रीय (A national initiative for cold-chain automation) R&D केंद्र की स्थापना (establishment of center) , क्षमता निर्माण से आगे बढ़कर सिस्टम प्रभावशीलता (system effectiveness) की दिशा में एक निर्णायक बदलाव होगा। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लॉजिस्टिक्स (logistics in india) लागत सकल घरेलू उत्पाद के लगभग 13-14 प्रतिशत से घटकर लगभग 7.9 प्रतिशत हो गई है जो एक बड़ी सफलता है। यह प्रतिस्पर्धा के लिए स्वदेशी कोल्ड-चेन टेक्नोलॉजी विकसित (Indigenous cold-chain technology developed)  करने पर जोर देती है। रिपोर्ट के मुताबिक, देश में अभी 8,815 कोल्ड स्टोरेज यूनिट हैं, जिनकी कुल कैपेसिटी 402.18 लाख टन है। इसके बावजूद, कटाई के बाद फलों और सब्जियों का नुकसान (loss of vegetables) 6 से 15 परसेंट तक ज़्यादा रहता है। रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसा सिर्फ़ इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी (lack of infrastructure) के कारण ही नहीं, बल्कि ऑटोमेशन की कमी, सप्लाई चेन प्लानिंग में बिखराव (Dispersion in Supply Chain Planning) और स्टोरेज और ट्रांसपोर्टेशन के स्मार्ट सिस्टम (Smart transportation systems) के कम इस्तेमाल के कारण भी है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में कैबिनेट द्वारा मंज़ूर (approved by the cabinet) की गई 33,660 करोड़ रुपये की ‘बड़ी स्कीम’ 100 प्लग-एंड-प्ले लॉजिस्टिक्स पार्क बनाकर भारत को इंफ्रास्ट्रक्चर में आत्मनिर्भर (Make India self-reliant in infrastructure) बनाएगी। डिपार्टमेंट ऑफ़ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड प्रमोशन (Department of Industry and Internal Trade Promotion) के जॉइंट सेक्रेटरी पंकज कुमार ने कहा कि भारत में लॉजिस्टिक्स (logistics in india)  की लागत कम हुई है, लेकिन एफिशिएंसी सिर्फ़ लागत तक ही सीमित (Efficiency is limited only by cost.)  नहीं है—मज़बूती, कंसिस्टेंसी और स्टेकहोल्डर के नतीजे (Stakeholder outcomes)  भी उतने ही ज़रूरी हैं। उन्होंने इंडस्ट्री से ‘कोऑर्डिनेशन की कमी’ का हवाला देते हुए कोऑर्डिनेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग (Coordinated Infrastructure Planning) के लिए PM गतिशक्ति पोर्टल का इस्तेमाल करने को कहा। FICCI की लॉजिस्टिक्स कमिटी के को-चेयरपर्सन पाली त्रिपाठी ने ‘लास्ट-माइल’ इम्प्लीमेंटेशन (‘Last-Mile’ Implementation) को सबसे बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि अगला स्टेज तेज़ और कोऑर्डिनेटेड एक्शन पक्का करना है, जिसमें डेटा अवेलेबिलिटी से आगे बढ़कर डेटा स्पीड और इंटीग्रेटेड डिसीजन-मेकिंग (Integrated Decision-Making) पर फोकस किया जाए। नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर (Managing Director, National Industrial Corridor Development Corporation) और CEO रजत कुमार सैनी ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर में इन्वेस्टमेंट (Investment in infrastructure) के साथ-साथ वर्कफोर्स का फॉर्मलाइजेशन (Formalization of Workforce) , रेगुलेटरी रिफॉर्म (Regulatory Reform) और स्किल डेवलपमेंट भी ज़रूरी (Skill development is also important) हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

March 26, 2026

March 26, 2026

March 26, 2026

March 26, 2026

March 26, 2026

March 26, 2026

Leave a Comment