ईद-उल-फितर पर आस्था का सैलाब, मस्जिदों में जगह की कमी के कारण सड़कों पर पढ़ी गई नमाज़
BHOPAL NEWS: राजधानी भोपाल (Capital Bhopal) में ईद-उल-फितर गहरी आस्था (Faith) , उत्साह (Excitement) और भाईचारे के माहौल (atmosphere of brotherhood) में मनाया गया। सुबह से ही शहर की बड़ी मस्जिदों (Major mosques of the city) और ईदगाहों में नमाज़ पढ़ने (Offering prayers in Eidgahs) के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ (huge crowd gathered) पड़ी। हालात ऐसे थे कि कई जगहों पर मस्जिदों (mosques) में जगह कम पड़ गई और बड़ी संख्या में लोग नमाज़ पढ़ने के लिए सड़कों पर खड़े (standing on the streets) हो गए।
ईदगाह में सुबह 7:30 बजे पहली नमाज़ पढ़ी गई, जिसमें हज़ारों लोग शामिल (thousands of people involved) हुए।
इसके बाद जामा मस्जिद में सुबह 7:45 बजे, ताज-उल मस्जिद (Taj-ul Masjid) में सुबह 8 बजे और मोती मस्जिद में सुबह 8:15 बजे नमाज़ पढ़ी गई। सभी जगहों पर शांति से नमाज़ पढ़ी गई और नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद (Eid Mubarak by hugging each other) दी। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी ईदगाह पहुंचे। उन्होंने नमाज़ पढ़ने वालों से मिलकर उन्हें ईद की मुबारकबाद दी और राज्य में आपसी भाईचारे (brotherhood in the state) और भाईचारे की कामना (Wish for brotherhood) की। त्योहार (Festival) को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा (administration security) के कड़े इंतज़ाम किए थे।
पुलिस बल की तैनाती (deployment of police force) के साथ ट्रैफिक व्यवस्था (traffic management) भी सुचारू रूप से रखी गई, ताकि कोई गड़बड़ी (any problem) न दिखे। नगर निगम ने साफ-सफाई और पीने के पानी जैसी सुविधाओं (water facilities) का खास इंतज़ाम किया। नमाज़ के बाद लोग घरों और रिश्तेदारों के यहां रसोइयों और पारंपरिक पकवानों (traditional dishes) के साथ ईद मनाने गए। पूरे शहर में खुशी का माहौल (Joyful atmosphere in the city) था और भोपाल की गंगा-जमुनी तहज़ीब एक बार (Jamuni Tehzeeb once) फिर देखने को मिली।





