एक साल तक सोना नहीं खरीदने की प्रधानमंत्री ने जनता से की अपील,,
भारत देश में सोने का बहुत महत्व है लेकिन सोना इतना महंगा हो गया है कि खरीदना सबके बस की बात नहीं है गरीब आदमी सोना खरीद नहीं सकता और धनी आदमी अपनी जरूरत और शौक के लिए महंगे दाम पर भी सोना खरीद सकता है लेकिन उनके भी इस महंगाई में पसीने छूट रहे हैं हालांकि डेढ़ लाख रुपए से अधिक प्रति 10 ग्राम सोने की कीमत होने के बावजूद जरूरत के हिसाब से खरीदारी की जा रही है बीते रविवार को पीएम मोदी ने देश की जनता से अपील करते हुए कहा कि जनता 1 साल तक सोना न खरीदें और पेट्रोल का उपयोग भी कम करें। इस समय भारत दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड इम्पोर्ट करने वाले देशों में गिना जाता है. शादी-ब्याह और त्योहारों में सोने की खरीदारी काफी ज्यादा होती है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ता है ऐसे में सोने की खरीदारी कम होने से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री की इस अपील के पीछे का सच यह है कि
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष से देश को निपटाने के लिए तैयार रहना चाहिए इसीलिए पीएम ने लोगों से पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करने, सोना खरीदने से बचने और विदेश यात्रा टालने जैसी बातें कही गई हैं हालांकि पहली नजर में यह बातें सामान्य लग रही है लेकिन इसके पीछे देश की अर्थव्यवस्था और महंगाई बड़ी वजह बताई जा रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा है कि देश एक संवेदनशील वैश्विक दौर से गुजर रहा है. ऐसे समय में अगर लोग थोड़ी सावधानी बरतें, तो देश आर्थिक दबाव से बेहतर तरीके से लड़ सकता है. उन्होंने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय हालात बिगड़ते हैं, तो उसका सीधा असर भारत जैसे देशों पर भी पड़ता है ऐसे समय में देश को संभालना होगा उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि युद्ध के समय में लोग सोना दान करते थे लेकिन यहां दान देने की जरूरत नहीं है जरूर इस बात की है कि सोना ना खरीदें।
प्रधानमंत्री ने पेट्रोल डीजल इस्तेमाल पर भी जनता से अपील करते हुए कहा कि जनता को कम दूरी के लिए इलेक्ट्रिक वाहन अपनाना चाहिए अधिक से अधिक ईंधन बचना चाहिए इसके साथ ही दूर यात्रा और विदेश यात्रा से खुद को बचना चाहिए निजी वाहन की जगह सार्वजनिक परिवहन का लोगों को इस्तेमाल करना चाहिए जिससे कि पेट्रोल डीजल की खपत कम हो सके।
गौरतलब है कि भारत देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल विदेशों से खरीदता है. अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होता है, तो इसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर विदेशी रिजर्व मुद्रा रिजर्व पर और आम लोगों की जेब पर पड़ता है ऐसे में पेट्रोल डीजल की खपत कम करना एक तरह से आर्थिक दबाव कम करना है।





