Rewa MP:भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य स्व. रमेश दुबे की 15वीं पुण्यतिथि पर बच्चों को वितरित की गई अध्ययन सामग्री!
डिप्टी सीएम प्रतिनिधि राजेश पांडेय ने कहा- जमीनी संगठनकर्ता और समर्पित जनसेवक थे रमेश दुबे,शिवपुरवा स्कूल में बच्चों को कॉपी, पेन, फल व बिस्कुट बांटे गए; शिक्षकों का भी किया गया सम्मान
रीवा। रीवा जिले में भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक, वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी स्व. रमेश चंद्र दुबे की 15वीं पुण्यतिथि वार्ड क्रमांक 1 स्थित शासकीय नवीन पूर्व माध्यमिक विद्यालय शिवपुरवा, निपनिया में अत्यंत श्रद्धा, गरिमा और सादगीपूर्ण वातावरण में मनाई गई।
कार्यक्रम की शुरुआत स्व. रमेश चंद्र दुबे के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के प्रतिनिधि व वरिष्ठ भाजपा नेता राजेश पांडेय उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व पार्षद गोपालदास माझी, भाजपा नेता शिवाकर कुशवाहा ‘राजू’, समाजसेवी कपिलदेव पांडेय ‘दीपू’, लालजी मिश्रा, धीरेंद्र कुशवाहा एवं कमल कुशवाहा मंच पर मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि राजेश पांडेय ने स्व. रमेश दुबे के जीवन, संघर्षों और संगठन के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्व. रमेश दुबे अत्यंत सरल स्वभाव के मृदुभाषी और जमीनी जननेता थे। कार्यकर्ताओं की मदद के लिए वे दिन हो या रात, हमेशा तत्पर रहते थे। वर्ष 1980 के दशक में जब रीवा में भारतीय जनता पार्टी का गठन हो रहा था और मुट्ठी भर लोग ही संगठन की मजबूती में लगे थे, तब स्व. दुबे ने निष्ठा के साथ पार्टी को खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई। 1984 से उनके साथ बिताए पलों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि स्व. दुबे से उन्हें राजनीति और जनसेवा के क्षेत्र में बहुत कुछ सीखने को मिला। इसके साथ ही उन्होंने स्व. दुबे के सुपुत्रों बृजेश दुबे और उपेन्द्र दुबे की सराहना करते हुए कहा कि अपने पिता की स्मृति में प्रतिवर्ष इस तरह के सेवा कार्य आयोजित करना उनके उच्च संस्कारों और पितृ-भक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण है।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य अतिथियों ने भी स्व. रमेश दुबे से जुड़े अपने संस्मरण साझा किए। पूर्व पार्षद गोपालदास माझी ने बताया कि उनके राजनीतिक सफर, पार्षद बनने तथा वार्ड के विकास कार्यों में जनसेवा का जो मार्ग स्व. दुबे ने दिखाया था, उसी का परिणाम है कि आज भी उन्हें जनता के बीच एक अलग पहचान और अपार स्नेह मिल रहा है। वहीं भाजपा नेता शिवाकर कुशवाहा, लालजी मिश्रा और दीपू पांडेय ने कहा कि जब प्रदेश में भाजपा की सरकार नहीं हुआ करती थी, तब भी स्व. रमेश दुबे के व्यक्तिगत प्रभाव से आम जनता के सार्वजनिक और व्यक्तिगत कार्य बेहद सरलता से पूरे हो जाते थे। उनके न रहने से आज भी क्षेत्र में एक बड़े मार्गदर्शक की कमी महसूस होती है। हालांकि उनके पुत्र बृजेश और उपेंद्र लगातार जनसेवा और सामाजिक कार्य कर अपने पिता जी के नाम को रोशन कर रहे है!
पुण्यतिथि के इस अवसर पर समाजसेवा की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अतिथियों द्वारा विद्यालय के समस्त छात्र-छात्राओं को उपयोगी अध्ययन सामग्री जैसे कॉपी, पेन के साथ-साथ फल एवं बिस्कुट का वितरण किया गया। इसके साथ ही विद्यालय के सभी शिक्षकों को भी फल और पेन भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की अध्यापिका अवंतिका पटेल, पुष्पलता नामदेव व प्रियंका सिंह ने अतिथियों के समक्ष स्कूल में छात्र-छात्राओं एवं स्टाफ के लिए एक शौचालय निर्माण की आवश्यकता जताई। इस पर मुख्य अतिथि राजेश पांडेय ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया कि वे शीघ्र ही शासन-प्रशासन के माध्यम से इस व्यवस्था को पूरा कराने का हर संभव प्रयास करेंगे।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में स्व. रमेश दुबे के सुपुत्र उपेन्द्र दुबे ने कार्यक्रम में पधारे सभी मुख्य अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों, विद्यालय परिवार के शिक्षकों, बच्चों एवं स्थानीय नागरिकों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
उपेंद्र चंद्र दुबे
रीवा
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