Bhopal MP:24 घंटे में सरकार का यू-टर्न,अब प्राइवेट हाथों में नहीं जाएंगे सरकारी मेडिकल कॉलेज!
PPP मॉडल पर 9 मेडिकल कॉलेज सौंपने की तैयारी के बाद सरकार ने किया रुख साफ — सरकारी धन से बने और निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों का संचालन सरकार ही करेगी।
भोपाल। अमर रिपब्लिक। मध्य प्रदेश में सरकारी मेडिकल कॉलेजों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर निजी क्षेत्र को सौंपने की कवायद पर फिलहाल विराम लग गया है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि राज्य शासन द्वारा बनाए गए अथवा सरकारी मद से निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों का संचालन और संधारण सरकार स्वयं करेगी तथा इन्हें PPP मॉडल पर निजी क्षेत्र को संचालन के लिए नहीं दिया जाएगा।
दरअसल, इससे पहले प्रदेश के 9 ब्राउनफील्ड मेडिकल कॉलेजों और 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को PPP मॉडल पर संचालित करने की प्रक्रिया सामने आई थी। इसके लिए ट्रांजैक्शन एडवाइजर नियुक्त करने संबंधी RFP भी जारी हुआ था, जिसकी निविदा प्रक्रिया 24 सितंबर तक चली।
इस प्रस्ताव को लेकर डॉक्टरों, मेडिकल छात्रों और अन्य वर्गों की ओर से विरोध की खबरें सामने आईं। इसके बाद सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा गया कि सरकारी संसाधनों से बने या निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों का संचालन सरकार के नियंत्रण में ही रहेगा।
एक तरफ PPP की तारीफ, दूसरी तरफ सरकारी कॉलेजों पर सफाई!
दिलचस्प यह है कि 18 सितंबर को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और मुख्यमंत्री मोहन यादव की स्वास्थ्य क्षेत्र की समीक्षा बैठक के बाद जारी PIB विज्ञप्ति में मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार में PPP मॉडल की सराहना की गई थी। PIB के अनुसार धार, पन्ना, कटनी और बैतूल में PPP पहल के तहत मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं।
यानी अब सरकार के ताजा स्पष्टीकरण से यह अंतर साफ होता है कि सरकारी धन से बने/निर्माणाधीन मौजूदा सरकारी मेडिकल कॉलेजों का संचालन निजी हाथों में नहीं दिया जाएगा, जबकि नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण/स्थापना में PPP मॉडल का इस्तेमाल अलग पहल के रूप में जारी है।
MBBS सीटें भी बढ़ीं PIB के मुताबिक मध्य प्रदेश में 2026 में MBBS सीटों की संख्या 5,600 से बढ़कर 6,120 हो गई है, यानी एक साल में 520 सीटों की वृद्धि हुई। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सुपर-स्पेशियलिटी सीटें भी 63 से बढ़कर 73 हुई हैं।
अब बड़ा सवाल: सरकारी मेडिकल कॉलेजों को लेकर 24 घंटे में बदले फैसले के बाद सरकार की आगे की PPP नीति क्या होगी और प्रस्तावित 9 कॉलेजों की प्रक्रिया का अगला कदम क्या रहेगा?





