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Mauganj MP:OBC महासभा का पैदल मार्च, जनगणना 2027 में अलग जाति कॉलम की मांग!

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🕒 Updated: 16 Oct 2026, 03:17 AM

Mauganj MP:OBC महासभा का पैदल मार्च, जनगणना 2027 में अलग जाति कॉलम की मांग!

 

 

 

जनपद कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक निकली रैली, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री और राज्यपाल के नाम अपर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

मऊगंज। जनगणना 2027 में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की पृथक श्रेणी और जातिवार जनसंख्या दर्ज किए जाने की मांग को लेकर गुरुवार शाम मऊगंज में ओबीसी महासभा ने पैदल मार्च निकाला। जिला अध्यक्ष राजेश प्रसाद पटेल के नेतृत्व में करीब आधा सैकड़ा कार्यकर्ता जनपद कार्यालय से कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा राज्यपाल के नाम अपर कलेक्टर पीके पांडे को ज्ञापन सौंपा।

 

 

 

जनगणना में OBC के लिए अलग कॉलम की मांग

ओबीसी महासभा ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और पिछड़े वर्गों के लिए प्रभावी नीतियां बनाने के लिए प्रमाणिक जनसंख्या संबंधी आंकड़े जरूरी हैं। संगठन ने जनगणना 2027 के प्रारूप में OBC की स्पष्ट पहचान के साथ जातिवार जनसंख्या दर्ज करने के लिए पृथक श्रेणी और स्पष्ट जाति कॉलम निर्धारित करने की मांग की।

महासभा का तर्क है कि यदि जनगणना में OBC की जातिवार जानकारी दर्ज नहीं की गई तो पिछड़े वर्गों की वास्तविक जनसंख्या का प्रमाणिक आंकड़ा तैयार करने में कठिनाई हो सकती है।

 

 

 

प्रमाणित जाति सूची और कोडिंग व्यवस्था की मांग

ज्ञापन में OBC वर्ग में शामिल सभी मान्य जातियों की प्रमाणित सूची उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। संगठन ने जातियों के अलग-अलग प्रचलित नामों और पर्यायवाची नामों का मानकीकरण करने के साथ प्रत्येक जाति के लिए विशिष्ट कोड निर्धारित करने की मांग रखी।

इसके अलावा सूची से छूटी जातियों के नाम जोड़ने और दर्ज जानकारी में आवश्यक सुधार के लिए पारदर्शी सत्यापन व्यवस्था लागू करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।

 

 

 

जातिवार आंकड़े सार्वजनिक करने पर जोर

ओबीसी महासभा ने OBC की कुल जनसंख्या के साथ-साथ प्रत्येक जाति की अलग-अलग जनसंख्या का आंकड़ा संकलित कर उसे सार्वजनिक करने की मांग की। संगठन के अनुसार, ऐसे प्रमाणिक आंकड़ों के आधार पर शिक्षा, रोजगार, आरक्षण और सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़ी योजनाओं एवं नीतियों को अधिक प्रभावी ढंग से तैयार किया जा सकता है।

 

 

 

‘किसी वर्ग के अधिकार प्रभावित करना उद्देश्य नहीं’

महासभा ने अपने ज्ञापन में कहा कि जातिवार जनगणना की मांग किसी अन्य वर्ग के अधिकारों को प्रभावित करने के उद्देश्य से नहीं है। संगठन का कहना है कि इसका उद्देश्य OBC की वास्तविक जनसंख्या और सामाजिक स्थिति से संबंधित प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि सामाजिक न्याय से जुड़ी नीतियों के निर्माण में तथ्यात्मक आंकड़ों का उपयोग किया जा सके।

संगठन ने संबंधित आयोगों, विभागों और OBC संगठनों से विचार-विमर्श कर जनगणना प्रक्रिया में आवश्यक संशोधन किए जाने तथा ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर की गई कार्रवाई की जानकारी लिखित रूप से उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया।

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