Mauganj MP:अतिथि शिक्षक भर्ती पर सवाल: मेरिट सूची सार्वजनिक नहीं होने पर BEO ने मांगा जवाब!
अभ्यर्थियों ने लगाए परिवारवाद और रिश्तेदारवाद के आरोप, CM हेल्पलाइन से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक पहुंची शिकायतें; संकुल प्राचार्यों और हेडमास्टरों से जवाब तलब
मऊगंज। जिले में अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अभ्यर्थियों की ओर से मेरिट सूची सार्वजनिक नहीं किए जाने और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के आरोप लगाए गए हैं। मामला अब अधिकारियों के स्तर तक पहुंच चुका है। बताया जा रहा है कि मऊगंज विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) ने जिले के संबंधित संकुल प्राचार्यों एवं प्राथमिक शालाओं के हेडमास्टरों से मेरिट सूची सार्वजनिक नहीं किए जाने के संबंध में जवाब मांगा है।
मेरिट सूची सार्वजनिक न करने पर उठे सवाल
अभ्यर्थियों का कहना है कि अतिथि शिक्षक पदों पर चयन में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मेरिट सूची सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि ऑनलाइन आवेदन करने वाले उम्मीदवार अपने चयन और वरीयता की स्थिति देख सकें। लेकिन कई स्थानों पर मेरिट सूची सार्वजनिक नहीं किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
इसी मामले में BEO की ओर से संबंधित संकुल प्राचार्यों और हेडमास्टरों से जवाब मांगा जाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब देखना होगा कि संबंधित संस्थानों की ओर से इस संबंध में क्या स्पष्टीकरण दिया जाता है।
CM हेल्पलाइन से कलेक्टर कार्यालय तक पहुंची शिकायत
मामले को लेकर CM हेल्पलाइन 181 पर शिकायत किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। इसके अलावा शिकायतें जिला प्रशासन और कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचने की बात कही जा रही है।
शिकायतकर्ताओं की मांग है कि अतिथि शिक्षक भर्ती की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए और चयन में अपनाए गए मानदंड, अभ्यर्थियों की मेरिट तथा उपलब्ध पदों की जानकारी सार्वजनिक की जाए।
परिवारवाद और रिश्तेदारवाद के लगाए गए आरोप
कुछ ऑनलाइन आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया में परिवारवाद और रिश्तेदारवाद के आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि पात्र अभ्यर्थियों की जगह कथित तौर पर परिचितों, परिवार के सदस्यों अथवा रिश्तेदारों को प्राथमिकता दी जा रही है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन दावों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।
अब जवाब पर टिकी निगाहें
BEO द्वारा जवाब तलब किए जाने के बाद संबंधित संकुल प्राचार्यों एवं हेडमास्टरों की ओर से क्या जवाब दिया जाता है, इस पर सभी की नजर है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि केवल कागजी कार्रवाई के बजाय मेरिट सूची, चयनित अभ्यर्थियों की सूची और चयन प्रक्रिया से संबंधित रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाने चाहिए।
अभ्यर्थियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अब बड़ा सवाल यही है कि अतिथि शिक्षक भर्ती में मेरिट सूची सार्वजनिक क्यों नहीं की गई और संबंधित संस्थानों की ओर से BEO के जवाब तलब किए जाने पर क्या स्पष्टीकरण दिया जाता है?





