Bhopal MP: मध्यप्रदेश कांग्रेस में बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी, 3 विभाग होंगे बंद? दिवाली तक 64 प्रकोष्ठों में नियुक्तियों का लक्ष्य!
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी में संगठनात्मक पुनर्गठन की कवायद तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस के प्रकोष्ठों और विभागों को भंग किए जाने के करीब ढाई महीने बाद अब नई नियुक्तियों की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। पार्टी ने दिवाली तक प्रदेश के 64 प्रकोष्ठों और विभागों में पदाधिकारियों की नियुक्तियां पूरी करने का लक्ष्य रखा है।
इसी पुनर्गठन के तहत प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने तीन विभागों को बंद करने का प्रस्ताव भी तैयार किया है। इनमें फॉरेन अफेयर्स, इंडियन ओवरसीज और हिंदी विभाग शामिल हैं। प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) को भेजे जाने की तैयारी है। हालांकि, इन विभागों को बंद करने का अंतिम निर्णय AICC की मंजूरी के बाद ही होगा।
तीन विभागों को बंद करने का प्रस्ताव
प्रदेश कांग्रेस संगठन के पुनर्गठन के दौरान तीन विभागों की उपयोगिता को लेकर समीक्षा की गई है। इसके बाद फॉरेन अफेयर्स, इंडियन ओवरसीज और हिंदी विभाग को प्रदेश स्तर पर बंद करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
प्रदेश संगठन की ओर से तैयार प्रस्ताव को अब AICC की मंजूरी के लिए भेजा जा रहा है। यदि प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है तो मध्यप्रदेश कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे में इन तीन विभागों को लेकर बदलाव किया जाएगा।
दिवाली तक 64 प्रकोष्ठों और विभागों में नियुक्तियों का लक्ष्य
प्रकोष्ठों और विभागों को भंग हुए करीब ढाई महीने का समय बीत चुका है। लंबे इंतजार के बाद अब कांग्रेस ने नई टीम के गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है।
पार्टी का लक्ष्य दिवाली तक 64 प्रकोष्ठों और विभागों में पदाधिकारियों की नियुक्तियां पूरी करने का है। संभावित नामों को लेकर मंथन किया जा चुका है और सूची को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है।
विशेषज्ञता और सक्रियता को मिलेगी प्राथमिकता
इस बार नियुक्तियों में सिर्फ राजनीतिक सक्रियता ही नहीं, बल्कि संबंधित क्षेत्र में विशेषज्ञता और अनुभव को भी प्राथमिकता देने की तैयारी है। पार्टी चाहती है कि जिस प्रकोष्ठ या विभाग की जिम्मेदारी किसी नेता या कार्यकर्ता को दी जाए, उसे उस विषय की पर्याप्त जानकारी हो।इससे संगठन के अलग-अलग विभागों की गतिविधियों को अधिक प्रभावी तरीके से संचालित करने की उम्मीद है।
चुनाव लड़ने के इच्छुक नेताओं को संगठनात्मक पद से दूर रखने की तैयारी
नई नियुक्तियों में कांग्रेस ने एक महत्वपूर्ण मापदंड तय किया है। आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट की दावेदारी रखने वाले नेताओं को इन संगठनात्मक पदों की जिम्मेदारी नहीं देने पर जोर दिया जा रहा है।पार्टी ऐसे कार्यकर्ताओं को आगे लाना चाहती है जो चुनावी टिकट की दौड़ के बजाय संगठन को मजबूत करने के लिए अपना समय और ऊर्जा दे सकें।
संगठन को पूरा समय देने वालों पर फोकस
नियुक्तियों की प्रक्रिया के दौरान तीन सदस्यीय कमेटी ने संभावित पदाधिकारियों से व्यक्तिगत चर्चा भी की है। बातचीत में यह जानने की कोशिश की गई कि संबंधित कार्यकर्ता संगठन के लिए कितना समय दे सकता है और उसे दी जाने वाली जिम्मेदारी के लिए कितना सक्रिय रह सकता है।
कांग्रेस संगठन की कोशिश ऐसे कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने की है जो नियमित रूप से संगठनात्मक गतिविधियों के लिए समय निकाल सकें और अपने प्रकोष्ठ या विभाग को सक्रिय रूप से संचालित कर सकें।
जल्द जारी हो सकती है नई टीम की सूची
प्रदेश संगठन महामंत्री संजय कामले के अनुसार, पदाधिकारियों की सूची तैयार करने का काम पूरा कर लिया गया है और इसे जल्द ही आधिकारिक रूप से जारी किया जाएगा।
अब मध्यप्रदेश कांग्रेस की नई संगठनात्मक टीम के ऐलान के साथ-साथ तीन विभागों को बंद करने के प्रस्ताव पर AICC की मंजूरी का इंतजार है। माना जा रहा है कि इन दोनों फैसलों के बाद प्रदेश कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है।





