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देश में गैस संकट गहराया! सरकार ने लागू किया ’25 दिन’ का नया नियम, अब तय समय से पहले नहीं मिलेगा दूसरा सिलेंडर, जमाखोरी रोकने के लिए उठाए सख्त कदम

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🕒 Updated: 10 Mar 2026, 07:11 AM

देश में गैस संकट गहराया! सरकार ने लागू किया ’25 दिन’ का नया नियम, अब तय समय से पहले नहीं मिलेगा दूसरा सिलेंडर, जमाखोरी रोकने के लिए उठाए सख्त कदम

NEW DELHI:   पश्चिम एशिया (west asia)  में बढ़ते तनाव (Tension) और दुनिया भर में फ्यूल सप्लाई (Fuel supply worldwide) पर असर के बीच केंद्र सरकार ने घरेलू LPG कंज्यूमर्स (The central government has given relief to domestic LPG consumers.) के लिए नया फरमान जारी (New order issued) किया है। कंज्यूमर्स को अब एक सिलेंडर (a cylinder) लेने के बाद दूसरी रिफिल बुकिंग (refill booking) के लिए कम से कम 25 दिन तक ज़रूरी इंतज़ार करना होगा। पेट्रोलियम (petroleum) और नेचुरल गैस मंत्रालय (Ministry of Natural Gas) ने यह कदम बाज़ार में गैस की कमी की अफवाहों और संभावित ब्लैक मार्केट (potential black market) को रोकने के लिए उठाया है। सरकार का मुख्य मकसद (main objective of government) देश के करीब 330 मिलियन गैस कनेक्शन होल्डर्स को फ्यूल (Fuel to gas connection holders) की बराबर उपलब्धता पक्का करना और स्टॉक जमाखोरी (stock hoarding) पर रोक लगाना है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

दुनिया भर में अस्थिरता (worldwide instability) को देखते हुए, भारत सरकार ने ‘एसेंशियल कमोडिटीज ए (Essential Commodities Act) क्ट, 1955’ के तहत पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की सप्लाई को रेगुलेट (Regulate the supply of petroleum products) करने का फैसला किया है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने ऑयल रिफाइनरियों (The Union Petroleum Ministry has directed the oil refineries)  को LPG प्रोडक्शन को प्रायोरिटी (Priority to LPG production) देने और ज़्यादा प्रोडक्शन को घरेलू डिस्ट्रीब्यूशन चैनलों को डायरेक्ट (More production is being directed to domestic distribution channels.) करने का आदेश दिया है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने जनता को भरोसा दिलाया है कि भारत युद्ध क्षेत्र (india war zone) से दूर दूसरे रास्तों से गैस इंपोर्ट (gas import) कर रहा है। सरकार हालात (gas import) पर कड़ी नज़र रख रही है ताकि इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों (Crude oil prices in the international market) में उछाल के बावजूद देश की एनर्जी सिक्योरिटी (Country’s energy security)  पर दबाव न पड़े।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

सरकार ने नॉन-डोमेस्टिक सेक्टर (The government has increased the non-domestic sector)  के लिए भी नई गाइडलाइंस जारी (New guidelines issued) की हैं, जिसमें हॉस्पिटल (hospital) और एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन (Educational Institution) को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता (Priority) दी गई है। होटल और रेस्टोरेंट जैसे कमर्शियल सेक्टर में सप्लाई पर नज़र (Keeping an eye on supply in the commercial sector) रखने के लिए तीन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (Executive Director) की एक हाई-लेवल कमेटी (High-Level Committee)  बनाई गई है। कमेटी डिमांड और उपलब्धता का रिव्यू (Availability Review) करने के बाद ही कमर्शियल सेक्टर को गैस देने की इजाज़त (Permission to supply gas to the commercial sector)  देगी। एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि इन प्रोएक्टिव (proactive) कदमों से न सिर्फ़ LPG की बिना रुकावट सप्लाई बनी रहेगी, बल्कि भविष्य में किसी भी गंभीर संकट (any serious crisis in the future) से निपटने में भी मदद मिलेगी।

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