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ईरान-इज़राइल युद्ध से खाने के तेल का संकट गहराया, सप्लाई में रुकावट के डर से सोयाबीन, पाम और सरसों तेल की कीमतों में तेज़ी से उछाल, सरकार से स्टॉक बनाने की मांग

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🕒 Updated: 16 Mar 2026, 09:51 AM

ईरान-इज़राइल युद्ध से खाने के तेल का संकट गहराया, सप्लाई में रुकावट के डर से सोयाबीन, पाम और सरसों तेल की कीमतों में तेज़ी से उछाल, सरकार से स्टॉक बनाने की मांग

NEW DELHI:   ईरान, US और इज़राइल के बीच चल रहे युद्ध (war) ने दुनिया भर के मालवाहक जहाजों की आवाजाही (movement of cargo ships) पर बुरा असर डाला है, जिसका सीधा असर भारत के तेल (Direct impact on India’s oil) और गैस बाज़ारों (gas markets)  पर पड़ा है। खाड़ी देशों से सप्लाई (supply from gulf countries) घटने की आशंका से पिछले हफ़्ते घरेलू बाज़ार (week domestic market) में लगभग सभी खाने के तेलों की कीमतों में तेज़ी (Rise in oil prices)  आई। विदेशी बाज़ारों के मज़बूत होने और कुकिंग गैस (cooking gas) और कुकिंग ऑयल की सप्लाई (supply of cooking oil) में रुकावट के डर से मांग में अचानक तेज़ी (sudden surge in demand) आई है। खास तौर पर, सोयाबीन तेल (soybean oil) , कच्चे पाम तेल (CPO) और पामोलीन की कीमतें आसमान छू रही (Palmolein prices are skyrocketing) हैं, जिससे आम ग्राहकों के किचन का बजट बिगड़ने का खतरा (Danger of spoiling the kitchen budget) है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

मार्केट एक्सपर्ट्स (Market Experts) ने केंद्र सरकार को सुझाव (Suggestions to the Central Government) दिया है कि उसे युद्ध के इस अनिश्चित दौर में खाने की सुरक्षा (Food security in uncertain times)  पक्की करने के लिए सोयाबीन की बिक्री तुरंत (immediate sale of soybean)  रोकनी चाहिए और सरसों की सरकारी (mustard government) खरीद बढ़ानी चाहिए। कांडला पोर्ट पर सोयाबीन डीगम (Soybean degum at Kandla Port) और पाम तेल के बीच कीमत (palm oil price) का अंतर घटकर सिर्फ़ $10-20 प्रति टन रह गया है। एक्सपर्ट्स (experts) का कहना है कि किसानों का हौसला बनाए रखने और भविष्य में मार्केट में दखल (Intervention in the market in the future) देने के लिए सरकार के पास काफी स्टॉक होना ज़रूरी है। डेटा के मुताबिक, देश में सोयाबीन का स्टॉक(Soybean stock in the country)  पिछले साल के 68 लाख टन से घटकर फरवरी 2026 में सिर्फ 58.41 लाख टन रह गया है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

इस हफ्ते दिल्ली और दूसरी मंडियों में सरसों के बीज (mustard seeds) 100 रुपये बढ़कर 6,725 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस बीच, गुजरात में मूंगफली तेल 16,900 रुपये प्रति क्विंटल और दिल्ली में सोयाबीन 15,550 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। क्रूड पाम ऑयल (CPO) 700 रुपये और पाम ऑयल दिल्ली 550 रुपये उछल गया। एक्सपर्ट्स ने चेतावनी (Experts warned) दी है कि अगर स्टॉकिस्ट एक्टिव (stockist active) रहे और सरकार बोनस देकर सरसों नहीं (Government not giving mustard by giving bonus) खरीदती है, तो आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं। बिनौला तेल और सूरजमुखी तेल भी सप्लाई (Sunflower oil also supplied) की कमी के कारण प्रीमियम रेट पर बिक (sold at premium rate) रहे हैं।

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