IPL इतिहास में M.S. धोनी का ‘विकेटकीपिंग’ का साम्राज्य, 200 से ज़्यादा रन बनाने वाले अकेले खिलाड़ी बने, ऋषभ पंत और दिनेश कार्तिक भी एलीट क्लब में शामिल हुए
NEW DELHI: IPL 2026 की रोमांचक (exciting) शुरुआत से पहले, पूर्व भारतीय कप्तान (former indian captain) महेंद्र सिंह धोनी आंकड़ों की दुनिया में छाए (Immersed in the world of statistics) हुए हैं। पिछले 18 सीज़न में, धोनी 278 मैचों में रिकॉर्ड 201 कैच (154 कैच और 47 स्टंपिंग) के साथ IPL इतिहास के सबसे सफल विकेटकीपर (Most successful wicketkeeper in history) साबित हुए हैं। वह इस लीग में 200 आउट होने का आंकड़ा छूने वाले अकेले कीपर हैं। धोनी ने न केवल ग्लव्स से बल्कि बल्ले से भी 5,439 रन बनाकर अपनी उपयोगिता (utility) साबित की है, जिससे वह इस टूर्नामेंट के सबसे बड़े लेजेंड बन गए हैं।
IPL के लंबे इतिहास (long history) में, धोनी के अलावा केवल तीन और विकेटकीपर 100 से ज़्यादा कैच के ‘एलीट क्लब’ में जगह बना पाए हैं। लिस्ट में दूसरे नंबर पर दिनेश कार्तिक हैं, जिन्होंने 257 मैचों में 174 कैच लिए हैं। वहीं, अनुभवी ऋद्धिमान साहा 113 विकेट लेकर तीसरे और दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) और लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए खेल चुके ऋषभ पंत 101 विकेट लेकर चौथे नंबर पर हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि T20 फॉर्मेट में विकेटकीपिंग की भूमिका कितनी चुनौतीपूर्ण (How challenging is the role of wicketkeeping) और निर्णायक (decisive) रही है।
इन विकेटकीपरों (wicketkeepers) ने न सिर्फ स्टंप के पीछे बल्कि क्रीज पर भी अपनी छाप छोड़ी है। ऋषभ पंत ने सिर्फ 125 मैचों में 2 शतकों समेत 3,553 रन बनाकर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी (aggressive batting) का लोहा मनवाया है। वहीं, दिनेश कार्तिक ने 22 अर्धशतकों की मदद से 4,842 रन जोड़कर फिनिशर की भूमिका बखूबी निभाई (Played the role of finisher very well) है। आने वाले 19वें सीजन में इन सभी की नजरें अपने रिकॉर्ड (record) को और बेहतर करने पर होंगी, जिससे फैंस को मैदान पर एक बार फिर ‘बिजली जैसी’ फुर्ती देखने को मिले।





