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क्यों एसबीआई की रिपोर्ट में भारतीय अर्थव्यवस्था का दम, तीसरी तिमाही में जीडीपी विकास दर 8% के पार जाने का अनुमान, कैसे दुनिया की चौथी सबसे बड़ी ताकत बनने की ओर अग्रसर?

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🕒 Updated: 27 Feb 2026, 11:35 AM

क्यों एसबीआई की रिपोर्ट में भारतीय अर्थव्यवस्था का दम, तीसरी तिमाही में जीडीपी विकास दर 8% के पार जाने का अनुमान, कैसे दुनिया की चौथी सबसे बड़ी ताकत बनने की ओर अग्रसर?

New Delhi:  ग्लोबल अनिश्चितताओं (global uncertainties) के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था शानदार प्रदर्शन (Despite the Indian economy performing well) कर रही है। स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (State Bank of India) (SBI) की लेटेस्ट रिसर्च रिपोर्ट (Latest Research Report) के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 (अक्टूबर-दिसंबर 2025) की तीसरी तिमाही ()third quarter) में भारत की GDP ग्रोथ (India’s GDP growth) रेट 8 से 8.1 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। SBI के चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर (Chief Economic Advisor, SBI) डॉ. सौम्या कांति घोष ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में खेती (farming in rural areas) और दूसरी गतिविधियों में तेजी (Acceleration in other activities) आने से कंजम्प्शन मजबूत (Consumption strong) हुआ है। इस बीच, त्योहारों के मौसम (festive season) के बाद शहरी मांग में भी सुधार (Urban demand also improves) देखा गया है, जिसे सरकारी प्रोत्साहनों से अतिरिक्त ऊर्जा (Additional energy from government incentives) मिली है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

भारत सरकार देश की आर्थिक गणनाओं (The Government of India’s economic calculations) को और सटीक (accurate) बनाने के लिए GDP का बेस ईयर (Base year of GDP) 2011-12 से बदलकर 2022-23 करने जा रही है। नई सीरीज़ 27 फरवरी को रिलीज़ (release) होगी। इस बदलाव का मुख्य मकसद डिजिटल कॉमर्स (The main objective is digital commerce) , सर्विस सेक्टर (service sector) और इनफॉर्मल सेक्टर (informal sector) के बदलते फ्रेमवर्क को असल में मापना (Actually measuring the changing framework) है। साथ ही, कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (Consumer Price Index)  (CPI) का बेस ईयर (base year) भी बदलकर 2024 किया जा रहा है। GDP कैलकुलेशन (GDP calculation)  में अब GST रिकॉर्ड, ई-व्हीकल रजिस्ट्रेशन (E-Vehicle Registration) और नैचुरल गैस कंजम्प्शन (natural gas consumption) जैसे मॉडर्न डेटा सोर्स का इस्तेमाल (Use of modern data sources) किया जाएगा।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

रिपोर्ट के मुताबिक (According to the report) , जहां 2025 और 2026 में ग्लोबल ग्रोथ (global growth) 3.3 परसेंट के आसपास रहने का अनुमान है, वहीं भारत की 8 परसेंट की ग्रोथ उसकी इकोनॉमिक मजबूती (economic strength) का सबूत है। एक्सपर्ट्स (experts) का मानना ​​है कि डेटा एक्यूरेसी (Data Accuracy) और लगातार सुधारों (continuous improvements) की वजह से भारत जल्द ही दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी (India will soon be the fourth largest economy in the world.) बन जाएगा। हालांकि, जियोपॉलिटिकल टेंशन (Geopolitical tensions) और इंटरनेशनल लेवल पर बढ़ते कर्ज (Rising debt at the international level) की वजह से कुछ चुनौतियां (Challenges) बनी हुई हैं, वहीं अगले फिस्कल ईयर में भी भारत की पोटेंशियल ग्रोथ (India’s potential growth) रेट 7 परसेंट के आसपास रहने की उम्मीद (Hope) है।

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