🕒 Updated: 30 Jul 2026, 07:13 AM
Mauganj MP:भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सौंपा गया ज्ञापन, मंच का आरोप– प्रशासन ने रोका, पुलिस बोली– सुरक्षा व्यवस्था के तहत की गई थी बैरिकेडिंग,दो दिन बाद संयोजक समेत 10 लोगों पर दर्ज हुई एफआईआर!
4000 पेज के दस्तावेज़ लेकर भ्रष्टाचार के खिलाफ पहुंचे अगस्त क्रांति मंच को कलेक्ट्रेट से पहले रोका, दो दिन बाद संयोजक समेत 10 लोगों पर दर्ज हुई एफआईआर
मऊगंज ।जिले में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन की तैयारी कर रहे अगस्त क्रांति मंच के संयोजक कुंज बिहारी तिवारी एवं उनके समर्थकों ने 23 जुलाई 2026 को संयुक्त कलेक्टर रश्मि चतुर्वेदी को 4000 से अधिक पृष्ठों के दस्तावेजों के साथ ज्ञापन सौंपकर विभिन्न मामलों की निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो अगस्त क्रांति मंच आमरण अनशन करेगा।
संयोजक का आरोप– पहले फोन कर थाने और तहसील में ज्ञापन देने को कहा गया
अगस्त क्रांति मंच के संयोजक कुंज बिहारी तिवारी का आरोप है कि कलेक्ट्रेट पहुंचने से पहले मऊगंज थाना प्रभारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उन्हें फोन कर कहा गया कि वे कलेक्ट्रेट न आकर थाना अथवा तहसील में ही ज्ञापन सौंप दें। उनका यह भी आरोप है कि नईगढ़ी में भी उन्हें रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वह अपने समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट के लिए रवाना हुए।
कलेक्ट्रेट से 100 कदम पहले बैरिकेडिंग, कार्यकर्ताओं को रोका गया
मंच का आरोप है कि जैसे ही कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचने वाले थे, उससे लगभग 100 कदम पहले मऊगंज थाना प्रभारी राम सिंह सहित भारी पुलिस बल ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।
कार्यकर्ताओं का कहना था कि दो दिन पहले सैकड़ों आदिवासी प्रदर्शनकारी लाठी-डंडों के साथ कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंचे थे और तीन घंटे से अधिक समय तक कलेक्टर कार्यालय के गेट के सामने धरने पर बैठे रहे। उस दौरान लोगों का आवागमन भी प्रभावित हुआ, लेकिन तब बैरिकेडिंग नहीं की गई। कई अन्य आंदोलनों और ज्ञापनों के दौरान भी ऐसी व्यवस्था नहीं की गई,न तो किसी के ऊपर मामला दर्ज किया गया तो फिर केवल उनके साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया। कार्यकर्ताओं ने पुलिस से सवाल किया कि “क्या हम चोर और डकैत हैं?”
पुलिस ने कहा– सुरक्षा व्यवस्था के तहत रोका गया
स्थिति को देखते हु थाना प्रभारी राम सिंह ने कार्यकर्ताओं को समझाइश देते हुए कहा कि उनकी मांगों का ज्ञापन लिया जाएगा तथा बैरिकेडिंग केवल सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।
कुंज बिहारी तिवारी ने शर्ट उतारकर कहा– मेरे पास कोई हथियार नहीं
अगस्त क्रांति मंच के संयोजक कुंज बिहारी तिवारी ने मौके पर पुलिस अधिकारियों से पूछा कि आखिर उन्हें किस आधार पर रोका जा रहा है। पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला दिया। इस पर कुंज बिहारी तिवारी ने कथित तौर पर अपनी शर्ट उतारकर कहा कि उनके पास कोई हथियार या आपत्तिजनक सामग्री नहीं है और वे शांतिपूर्वक ज्ञापन देने आए हैं।
इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें और उनके समर्थकों को कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी। मंच का आरोप है कि कोई अधिकारी ज्ञापन लेने भी नहीं पहुंचा, जिसके चलते कुंज बिहारी तिवारी सहित कार्यकर्ता लगभग 30 मिनट तक बैरिकेडिंग के बाहर बैठे रहे।
बाद में पुलिस द्वारा वहीं ज्ञापन देने के लिए कहा गया, जिसके बाद संयुक्त कलेक्टर रश्मि चतुर्वेदी मौके पर पहुंचीं और ज्ञापन प्राप्त किया।
ज्ञापन में लगाए गए ये आरोप
अगस्त क्रांति मंच के संयोजक कुंज बिहारी तिवारी ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि मऊगंज जिले की ग्राम पंचायतों में ₹650 करोड़ से अधिक की राशि नियमों के विरुद्ध खर्च या आहरित की गई।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कई ग्राम पंचायतों ने गिट्टी और बालू जैसी निर्माण सामग्री मेडिकल स्टोर, फोटोकॉपी की दुकान तथा किराना दुकानों से खरीदे जाने के बिल प्रस्तुत किए। मंच का आरोप है कि कई ऐसे वेंडरों के नाम पर भुगतान किया गया जिनका वास्तविक अस्तित्व ही नहीं था तथा फर्जी बिल-वाउचर तैयार कर शासकीय राशि का भुगतान किया गया।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायतों एवं संबंधित वेंडरों द्वारा बड़े पैमाने पर रॉयल्टी चोरी की गई तथा जिन विकास कार्यों के नाम पर राशि निकाली गई, उनमें से अनेक कार्य आज भी अधूरे पड़े हैं।
ग्रामीण आजीविका मिशन, जल जीवन मिशन और गौशालाओं पर भी लगाए गंभीर आरोप
मध्य प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन में भी व्यापक वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। मंच का दावा है कि एक व्यक्ति के नाम पर लगभग ₹50 लाख का भुगतान किया गया, जबकि वह कथित रूप से केवल कबाड़ बीनने का कार्य करता है।
इसके अलावा जल जीवन मिशन में भी व्यापक भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है। मंच का कहना है कि कई स्थानों पर आज तक लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंचा, जबकि संबंधित राशि खर्च दर्शा दी गई।
ज्ञापन में जिले की गौशालाओं को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं। मंच का कहना है कि कई गौशालाओं में क्षमता से अधिक गोवंश रखकर अनुदान लिया जा रहा है, जिससे पशु क्रूरता की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इसके अतिरिक्त भी ज्ञापन में विभिन्न विभागों से जुड़े कई अन्य कथित भ्रष्टाचार के आरोप शामिल किए गए हैं।
इन सभी आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित मामलों में सक्षम एजेंसियों द्वारा जांच एवं प्रशासनिक कार्रवाई होना शेष है।





