Mauganj MP:हनुमना ब्लॉक में शिक्षा विभाग की मनमानी – बीईओ और बीआरसीसी पर उठे सवाल!
संकुल प्राचार्यों की कथित मनमानी और निजी स्कूलों की फीस को लेकर शिकायतें, बीईओ-बीआरसीसी की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
मऊगंज। मऊगंज जिले के हनुमना विकासखंड में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। संकुल स्तर पर कथित अनियमितताओं, प्राचार्यों की मनमानी और निजी विद्यालयों द्वारा कथित तौर पर अधिक फीस वसूली जैसी शिकायतों को लेकर छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने जिला प्रशासन की जनसुनवाई में पहुंचकर अपनी समस्याएं रखीं।
प्रतापगंज स्कूल के छात्र-छात्राएं पहुंचे जनसुनवाई में
हनुमना ब्लॉक के प्रतापगंज हायर सेकेंडरी स्कूल सहित अन्य शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े छात्र-छात्राओं ने संकुल स्तर पर सामने आ रही कथित समस्याओं को लेकर जनसुनवाई में शिकायत प्रस्तुत की। छात्रों और अभिभावकों का आरोप है कि उनकी समस्याओं के निराकरण को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
इसी दौरान क्षेत्र के कई निजी विद्यालयों से जुड़े अभिभावक भी जनसुनवाई में पहुंचे। अभिभावकों ने फीस सहित विद्यालयों की कार्यप्रणाली से जुड़ी विभिन्न शिकायतें जिला प्रशासन के समक्ष रखीं और मामले की जांच की मांग की।
जनसुनवाई में मौजूद रहे बीआरसीसी, सवालों पर स्थिति स्पष्ट नहीं
मामले को लेकर जनसुनवाई स्थल पर बीआरसीसी की मौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी। शिकायत लेकर पहुंचे अभिभावकों और छात्रों की ओर से शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए गए। आरोप है कि संबंधित अधिकारी शिकायतों और उठाए गए सवालों पर संतोषजनक स्थिति स्पष्ट नहीं कर सके।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। पूरे मामले में विभागीय जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
डीईओ से संपर्क का प्रयास, सहायक जिला शिक्षा अधिकारी के जवाब पर भी सवाल
मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी, मऊगंज से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। वहीं सहायक जिला शिक्षा अधिकारी से मामले को लेकर जानकारी लेने पर शिकायतों के संबंध में स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आ सकी।
बीईओ और बीआरसीसी के लंबे समय से पदस्थ रहने पर उठे सवाल सबसे गंभीर सवाल
हनुमना विकासखंड में बीईओ और बीआरसीसी के लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ रहने को लेकर उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर सवाल किया जा रहा है कि क्या लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों के स्थानांतरण अथवा पदस्थापना संबंधी नियमों की समीक्षा नहीं होनी चाहिए?
अभिभावकों का आरोप है कि अधिकारियों के लंबे समय तक एक ही स्थान पर रहने से व्यवस्था में जवाबदेही कमजोर होने की आशंका रहती है। हालांकि, भ्रष्टाचार या किसी अन्य अनियमितता के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।
अभिभावकों ने की जांच और कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ताओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि हनुमना ब्लॉक की शिक्षा व्यवस्था से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही संकुल स्तर पर सामने आई शिकायतों, निजी विद्यालयों की फीस वसूली तथा संबंधित अधिकारियों की लंबे समय से पदस्थापना की भी समीक्षा की जाए।
अब देखना होगा कि जनसुनवाई में पहुंची शिकायतों पर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग क्या कार्रवाई करता है। छात्रों और अभिभावकों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच के बाद ही जिम्मेदारी और वास्तविक स्थिति तय हो सकेगी।





