MP news:धीरेंद्र शास्त्री ने करवा चौथ को बताया ‘खसम पूजन दिवस’, बोले- एक दिन व्रत, बाकी 364 दिन पतियों को ताने!
शिवपुरी। करवा चौथ के मौके पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का एक चुटीला बयान सोशल मीडिया पर चर्चा में है। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में चल रही श्रीराम कथा के दौरान उन्होंने करवा चौथ को मजाकिया अंदाज में ‘खसम पूजन दिवस’ नाम दे दिया। इसके साथ ही पति-पत्नी के रिश्ते पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि महिलाएं एक दिन पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं, जबकि बाकी 364 दिन पतियों को ताने सुनने पड़ते हैं।
धीरेंद्र शास्त्री की इस टिप्पणी के बाद कथा स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं के बीच हंसी का माहौल बन गया। हालांकि, अपने हास्यपूर्ण अंदाज के साथ उन्होंने वैवाहिक जीवन में पूरे साल प्रेम, सम्मान और आपसी समझ बनाए रखने का संदेश भी दिया।
नवविवाहित श्रद्धालु के सवाल पर दिया जवाब
करैरा में 24 से 30 अक्टूबर 2026 तक सात दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के दौरान आयोजित ‘सीधी बात’ कार्यक्रम में श्रद्धालुओं को धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से सवाल पूछने का अवसर दिया गया।
26 अक्टूबर को इसी कार्यक्रम में एक नवविवाहित श्रद्धालु ने सवाल किया कि उसकी हाल ही में शादी हुई है, तो क्या उसकी पत्नी इस बार करवा चौथ का व्रत रख सकती है।
सवाल सुनने के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने अपने चिर-परिचित चुटीले अंदाज में कहा कि उन्होंने तो करवा चौथ का नया नाम ही ‘खसम पूजन दिवस’ रख दिया है। उनकी इस बात पर कथा स्थल पर मौजूद लोगों ने ठहाके लगाए।
‘एक दिन पूजा, बाकी दिन ताने’ पर जमकर हंसी
धीरेंद्र शास्त्री ने पति-पत्नी के रिश्ते में होने वाली रोजमर्रा की नोकझोंक को हास्य के रूप में सामने रखा। उन्होंने कहा कि करवा चौथ के दिन पत्नी पति की लंबी उम्र की कामना करते हुए व्रत रखती है, लेकिन मजाकिया अंदाज में बाकी दिनों में पतियों को मिलने वाले तानों का भी जिक्र किया।
उन्होंने शादी के बाद पति-पत्नी के बीच होने वाली सामान्य शिकायतों और आपसी नोकझोंक को उदाहरण बनाकर अपनी बात समझाई। उनका अंदाज पूरी तरह हास्यपूर्ण था, जिसे सुनकर कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालु भी मुस्कुराते नजर आए।
मजाक के बीच दिया रिश्ते का गंभीर संदेश
धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी केवल हास्य तक सीमित नहीं रही। उन्होंने पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम, सम्मान, समर्पण और आपसी देखभाल को पूरे साल बनाए रखने पर जोर दिया।
उन्होंने संदेश दिया कि करवा चौथ पर जिस श्रद्धा और समर्पण के साथ पति की लंबी उम्र की कामना की जाती है, वही भावना केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। वैवाहिक जीवन की मजबूती के लिए पति-पत्नी के बीच पूरे साल प्रेम और सम्मान का भाव जरूरी है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। वीडियो में वे करवा चौथ और पति-पत्नी के रिश्ते से जुड़े सवाल का जवाब अपने चुटीले अंदाज में देते नजर आ रहे हैं।
‘खसम पूजन दिवस’ और ‘एक दिन व्रत, बाकी 364 दिन ताने’ वाली उनकी टिप्पणी ने लोगों का खासा ध्यान खींचा है। हालांकि, उनके पूरे वक्तव्य का मूल संदेश वैवाहिक रिश्ते में प्रेम और सम्मान बनाए रखने से जुड़ा हुआ था।
करवा चौथ का धार्मिक महत्व
करवा चौथ हिंदू परंपरा का प्रमुख व्रत है। इस दिन कई विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए व्रत रखती हैं। परंपरा के अनुसार महिलाएं दिनभर उपवास रखने के बाद शाम को पूजा-अर्चना करती हैं और चंद्रमा के दर्शन के पश्चात व्रत खोलती हैं।
देश के अलग-अलग हिस्सों में करवा चौथ मनाने की विधि और स्थानीय परंपराओं में कुछ अंतर देखने को मिलता है। आधुनिक समय में यह पर्व पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और साथ निभाने की भावना से भी जोड़ा जाता है।
करैरा की श्रीराम कथा में लगातार उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
शिवपुरी जिले के करैरा में आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा का समापन 30 अक्टूबर को होना है। कथा के दौरान ‘सीधी बात’ जैसे कार्यक्रमों में श्रद्धालु धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से अलग-अलग विषयों पर सवाल करते हैं। इसी दौरान करवा चौथ से जुड़े सवाल के जवाब में दिया गया उनका यह बयान अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
बहरहाल, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का ‘खसम पूजन दिवस’ वाला अंदाज सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है। मजाकिया टिप्पणी के साथ उनका संदेश साफ था—त्योहार पर दिखाई देने वाला प्रेम और समर्पण सिर्फ एक दिन नहीं, बल्कि पूरे वैवाहिक जीवन में बना रहना चाहिए।





