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Mauganj MP:मऊगंज में पत्रकारिता दिवस के दिन पुलिस से टकराव के बीच भाजपा कार्यालय के सामने पत्रकारों का रघुपति राघव राजाराम के साथ धरना, अब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से होगी मुलाकात!

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🕒 Updated: 05 Oct 2026, 02:16 AM

Mauganj MP:मऊगंज में पत्रकारिता दिवस के दिन पुलिस से टकराव के बीच भाजपा कार्यालय के सामने पत्रकारों का रघुपति राघव राजाराम के साथ धरना, अब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से होगी मुलाकात!

 

 

थाना प्रभारी राम सिंह पटेल और एसपी के रवैये को लेकर पत्रकारों में नाराजगी, जिला अध्यक्ष राजेंद्र मिश्र के आश्वासन पर समाप्त हुआ धरना

मऊगंज। पत्रकारिता और लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका को लेकर देशभर में चर्चाओं के बीच पत्रकारिता महोत्सव के दिन मऊगंज में पत्रकारों को अपनी ही समस्याओं और पुलिस प्रशासन के रवैये के विरोध में सड़क पर उतरना पड़ा। पत्रकारों ने भाजपा कार्यालय के सामने प्रदर्शन करते हुए थाना प्रभारी राम सिंह पटेल और पुलिस अधीक्षक के खिलाफ नाराजगी जताई।
प्रदर्शन कर रहे पत्रकारों का आरोप है कि मऊगंज थाना प्रभारी के कार्यकाल में पत्रकारों के साथ व्यवहार और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। पत्रकारों का कहना है कि इस संबंध में वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों तक शिकायतें पहुंचाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

 

 

पत्रकारों का आरोप—शिकायतों के बावजूद नहीं मिला समाधान

पत्रकारों के मुताबिक थाना प्रभारी के खिलाफ पूर्व में भी कई शिकायतें और आपत्तियां सामने रखी गई हैं। पत्रकारों का आरोप है कि पुलिस अधीक्षक स्तर पर भी मामले को उठाया गया, लेकिन थाना प्रभारी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
आंदोलनकारियों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की कि पत्रकारों से जुड़े मामलों की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए और यदि किसी पुलिस अधिकारी की कार्यप्रणाली नियमों के विपरीत पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

 

 

भाजपा कार्यालय के सामने प्रदर्शन ने खड़े किए राजनीतिक सवाल

सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि पत्रकारों को यह विरोध प्रदर्शन भाजपा कार्यालय के सामने करना पड़ा। पत्रकारों का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों के समक्ष भी अपनी बात रखी है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से पत्रकारों में असंतोष बढ़ा है।
प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए थाना प्रभारी को हटाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई। पत्रकारों का कहना है कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि पत्रकारों के सम्मान, स्वतंत्रता और निष्पक्ष पत्रकारिता के अधिकार से जुड़ी है।

 

 

पत्रकारिता महोत्सव के दिन उठे सवाल

विडंबना यह है कि जिस दिन पत्रकारिता की स्वतंत्रता, लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका और पत्रकारों के अधिकारों को लेकर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे थे, उसी दिन मऊगंज में पत्रकारों को अपने अधिकारों और शिकायतों को लेकर आंदोलन करना पड़ा।
पत्रकारों ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकार सत्ता और प्रशासन से सवाल पूछने का काम करता है। ऐसे में यदि पत्रकारों की शिकायतों पर ही सुनवाई नहीं होगी तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल है।

 

 

निष्पक्ष जांच की मांग

पत्रकारों ने मांग की है कि थाना प्रभारी राम सिंह पटेल के खिलाफ लगाए गए आरोपों और पुलिस प्रशासन की भूमिका की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही पत्रकारों से जुड़े मामलों में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए, ताकि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो।
हालांकि, थाना प्रभारी और पुलिस अधीक्षक की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर उनका पक्ष इस समाचार के प्रकाशन तक उपलब्ध नहीं हो सका है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
मऊगंज में पत्रकारों के इस प्रदर्शन ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि जब पत्रकारों को ही अपनी बात रखने के लिए आंदोलन का सहारा लेना पड़े, तो प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही किसके प्रति है? अब देखना होगा कि इस विरोध के बाद पुलिस और प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है।

 

 

धरना समाप्त कराने के दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष राजेंद्र मिश्र ने पत्रकारों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस मामले में जिला प्रशासन से बातचीत की गई है, लेकिन पुलिस अधीक्षक के स्तर पर अपेक्षित समाधान नहीं हो पा रहा है।
मिश्र के अनुसार, उन्होंने स्वयं मामले को लेकर बात की है और वरिष्ठ भाजपा विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम की ओर से भी इस संबंध में चर्चा की गई है। इसके बावजूद समाधान नहीं होने को लेकर उन्होंने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

 

 

पुलिस अधीक्षक के रवैये को लेकर उठे सवाल

पत्रकारों का आरोप है कि यदि संगठन के जिला अध्यक्ष और वरिष्ठ जनप्रतिनिधि स्तर से भी किसी मामले को लेकर बातचीत की जा रही है और उसके बाद भी समाधान नहीं निकल रहा, तो पुलिस प्रशासन की जवाबदेही को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
हालांकि पुलिस अधीक्षक की ओर से इन आरोपों पर क्या पक्ष है, यह सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक पक्ष और निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

 

 

5 अक्टूबर को मऊगंज पहुंचेंगे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल

अब इस पूरे मामले में अगला महत्वपूर्ण घटनाक्रम 5 अक्टूबर को सामने आ सकता है, जब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के मऊगंज पहुंचने का कार्यक्रम है।
पत्रकारों ने तय किया है कि एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात कर मऊगंज जिले में पत्रकारों और पुलिस प्रशासन के बीच चल रहे विवाद सहित अन्य स्थानीय मुद्दों से उन्हें अवगत कराएगा।
चूंकि मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार है, इसलिए पत्रकारों की नजर अब इस बात पर है कि प्रदेश अध्यक्ष के समक्ष मामला पहुंचने के बाद संगठन स्तर पर क्या रुख सामने आता है और प्रशासनिक स्तर पर कोई पहल होती है या नहीं।
फिलहाल भाजपा जिला अध्यक्ष के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हो गया है, लेकिन पत्रकारों का आंदोलन पूरी तरह खत्म हुआ है या आगे किसी बड़े कदम का रूप लेगा, यह 5 अक्टूबर की मुलाकात और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर निर्भर करेगा।

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