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Rewa MP:कलेक्टर के आदेश पर भारी विधायक का रसूख जनसुनवाई के बाद भी अंधकार में भूतपूर्व सैनिक का परिवार!

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🕒 Updated: 18 Jun 2026, 08:08 AM

Rewa MP:कलेक्टर के आदेश पर भारी विधायक का रसूख जनसुनवाई के बाद भी अंधकार में भूतपूर्व सैनिक का परिवार!

 

 

 

देवतालाब विधायक के कथित दबाव में बिजली विभाग के अधिकारियों ने काटी लाइट 70 वर्षीय बुजुर्ग मनमोहन लाल द्विवेदी ने कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

​रीवा ।जिले के विद्युत वितरण केंद्र मनिकवार के अंतर्गत आने वाले ग्राम देवतहा में एक बेहद चौंकाने वाला और संवेदनसील मामला सामने आया है।देश की सीमा पर अपनी जिंदगी के सुनहरे वर्ष न्योछावर करने वाले 70 वर्षीय बुजुर्ग भूतपूर्व सैनिक मनमोहन लाल द्विवेदी आज अपने ही देश में बिजली विभाग के अधिकारियों और स्थानीय राजनेताओं के गठजोड़ के कारण मानसिक प्रताड़ना झेल रहे हैं। पीड़ित भूतपूर्व सैनिक और उनके परिवार ने रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को जनसुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर न्याय की गुहार लगाई है।​पीड़ित भूतपूर्व सैनिक मनमोहन लाल द्विवेदी और उनके परिवार ने कलेक्टर को सौंपे गए आवेदन में बताया कि ग्राम देवतहा में उनकी बस्ती में आरडीएसएस योजना के तहत एक ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है जिससे सात से आठ परिवार बिजली कनेक्शन लेकर लाभान्वित हो रहे हैं।पूर्व में जब इस योजना के तहत सर्वे हुआ था और खंभे गाड़े जा रहे थे तब गांव के ही निवासी राम लखन शर्मा और सुरेंद्र मणि शर्मा कुछ और ने इसका विरोध किया था और काम को रुकवाने की कोशिश की थी।​इसके बाद पीड़ित पीड़ित मनमोहन लाल द्विवेदी और उनके परिवार ने स्वयं पहल करते हुए अपनी निजी भूमि में 8 बिजली के पोल लगवाए।अब जब 2 वर्ष से पोल खड़े हो चुके और लाइन चालू हो गयी तब वही राम लखन शर्मा और सुरेंद्र मणि शर्मा के रिश्तेदार विधायक द्वारा दबाव बनाकर बिजली विभाग के स्थानीय *JE* और कुछ कर्मचारी को साथ में लेकर आए और मनमोहन लाल द्विवेदी की निजी जमीन से जबरन पोल गाड़ने एवं केबल खींचने का प्रयास करने लगे।

विरोध करने पर काटी बिजली,रसूखदारों के घर के पास हैं दो-दो ट्रांसफार्मर
​भूतपूर्व सैनिक का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी निजी भूमि से बिना अनुमति जबरन पोल गाड़ने केबल खींचने का विरोध किया तो परिवार के लोग दुर्भावना से विरोध किये।उन्होंने ट्रांसफार्मर पर आने वाली 11 केवी की मुख्य लाइन का तार *JE)* ने कटवा दिया।इस बदले की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य बुजुर्ग फौजी एवं उनके परिवार के पूरे कुनबे और उनकी बस्ती को अंधेरे में धकेलकर उन पर अनुचित दबाव बनाना है।​हैरत की बात यह है कि आरोपी राम लखन शर्मा और सुरेंद्र मणि शर्मा के घरों के पास पहले से ही दो-दो ट्रांसफार्मर सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद केवल मानसिक रूप से प्रताड़ित करने एवं परिवारिक विबाद को बढ़ावा देने की लिए साथ ही अपने राजनैतिक रसूख का प्रदर्शन करने के लिए इस अमानवीय कृत्य को अंजाम दिया जा रहा है।
कलेक्टर के आदेश की भी अवहेलना विभाग पर विधायक का दबाव
​जनसुनवाई में मामले की गंभीरता को देखते हुए रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने संवेदनशीलता दिखाई और तत्काल विद्युत विभाग के *SE* को तलब किया।कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि तत्काल मौके पर जाकर पीड़ित भूतपूर्व सैनिक एवं उनके परिवार के घर की कटी हुई बिजली को बहाल किया जाए।​परंतु प्रशासनिक व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों ने कलेक्टर के स्पष्ट आदेश के बाद भी समाचार लिखे जाने तक बिजली चालू नहीं की है।सूत्रों और पीड़ित के अनुसार बिजली विभाग के कर्मचारियों का दबी जुबान में कहना है कि उनके ऊपर क्षेत्रीय विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम का भारी राजनैतिक दबाव है।बताया जा रहा है कि विधायक महोदय स्वयं गांव पहुंचे थे और उन्होंने ही बिजली कटवाई है राम लखन शर्मा विधायक के करीबी रिश्तेदार बताए जा रहे हैं।अनावेदक सुरेन्द्रमणि शर्मा की व्यक्तिगत जमीन पर बिजली विभाग द्वारा बिजली विभाग द्वारा व्यक्तिगत लाभ पहुचाने के लिए लगाया गया है जिसमे विधायक और अन्य लोगो द्वारा किसी प्रकार का विरोध नही किया गया।
अब साख दांव पर राजनैतिक रसूख बनाम ईमानदार प्रशासनिक छवि
​इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब रीवा जिला प्रशासन और जिले की जनता की नजरें कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी पर टिकी हैं।क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि क्या एक 70 वर्षीय देश के रक्षक को न्याय मिलेगा या फिर राजनैतिक रसूख के आगे प्रशासन घुटने टेक देगा।कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी की छवि एक ऐसे निर्भीक अधिकारी की रही है जो किसी भी राजनेता के अनुचित दबाव में नहीं आते हैं।अब देखना यही होगा कि इस मामले में कानून का राज स्थापित होता है या राजनैतिक रसूख की जीत होती है।पीड़ित परिवार ने कलेक्टर से आग्रह किया है कि विधायक के दबाव में न आकर सत्यता की जांच कराए और साक्ष्य मिलने पर कार्यवाही करे और विभाग को गुमराह करने वाले लोगो के ऊपर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्यवाही करें।

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