सड़क नहीं तो रिश्ते नहीं, कीचड़ भरे रास्तों ने बेटियों के सपनों पर लगाया ब्रेक?
SINGRAULI NEWS: जिले (districts) की सुहिरा अमिलिया ग्राम पंचायत आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ (Still struggling for basic amenities) रही है। गोदरी खोली मोहल्ले में सड़कों की कमी का खामियाजा (The lack of roads in the neighborhood) अब गांव की बेटियों को भुगतना पड़ (The daughters of the village have to suffer) रहा है। खराब सड़कों, कीचड़ और दलदल जैसी हालत (marshy condition) के कारण अब तक कई युवतियों के शादी के रिश्ते टूट(Marriages of many young women have broken down.) चुके हैं। गांव वालों का कहना है कि जब रिश्तेदार गांव की हालत देखते (Relatives see the condition of the village) हैं तो शादी करने से मना कर देते हैं, जिससे पूरे इलाके की बदनामी हो रही है।
गांव के लहुरमन ने कहा कि कभी-कभी बारात आने से ठीक पहले लोग सड़क की हालत (road condition) देखकर लौट जाते हैं। हमारी बेटियों का रिश्ता (our daughters’ relationship) तो तय हो जाता है, लेकिन जैसे ही लोग गांव की सड़क (country roads) देखते हैं तो पीछे हट जाते हैं। इससे परिवारों को मानसिक और सामाजिक बेइज्जती (social humiliation) झेलनी पड़ती है, उन्होंने दुख जताया। गांव में सड़कें न होने से लोगों की आम ज़िंदगी पर भी असर पड़ रहा है। बच्चों का स्कूल जाना, बुज़ुर्गों का अस्पताल पहुंचना (Elderly people reaching the hospital) और रोज़मर्रा की ज़रूरत का सामान लाना भी मुश्किल हो गया है। वहीं, गांव की कलावती ने बताया कि बारिश के मौसम में हालात और भी खराब हो जाते हैं। कीचड़ और गहरे गड्ढों (deep pits) की वजह से एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पातीं। डिलीवरी के समय गर्भवती महिलाओं (pregnant women at the time of delivery) को खाट पर कई सौ मीटर मेन रोड तक ले जाना पड़ता है। कई बार समय पर इलाज न मिलने से जान पर बन आती है। गांव वालों का कहना है कि पिछले कुछ सालों में ऐसे हालात में कई मरीज़ों की हालत बिगड़ चुकी है, लेकिन ज़िम्मेदार डिपार्टमेंट (responsible department) ने अभी तक कोई पक्का हल नहीं निकाला है।
बजट दो करोड़, लेकिन सड़क कहीं और
गांव वालों के मुताबिक, गोदरी खोली मोहल्ले में करीब 3.50 km सड़क बनाने के लिए करीब 2 करोड़ रुपये मंजूर हुए थे। आरोप है कि ठेकेदार विपिन सिंह ने तय जगह पर सड़क न बनाकर पंचायत (Panchayat by not building roads) के दूसरे हिस्से में बना दी। जब गांव वालों ने इसका विरोध किया (protested) तो उन्हें भगा दिया गया। पता चला है कि फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की ज़मीन पर सड़क (Road on Forest Department land) बनाने की कोशिश में डिपार्टमेंट ने कॉन्ट्रैक्टर (Department appointed contractor) की JCB मशीन भी ज़ब्त कर ली थी। इसके बावजूद अब तक मोहल्ले में कोई सड़क नहीं बनी है। गांव वालों का आरोप है कि कंस्ट्रक्शन के काम में भारी गड़बड़ियां हुई हैं और ज़िम्मेदार अधिकारियों (responsible officers) ने भी आंखें मूंद ली हैं। लोगों का कहना है कि अगर सड़क सही जगह बनी होती, तो आज बेटियों की शादियां नहीं टूटतीं और मरीज़ों को गोद (adopt patients) में उठाकर बिस्तर तक नहीं ले जाना पड़ता।
जांच के बाद कार्रवाई होगी
PWD के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (Executive Engineer, PWD) एसबी सिंह करचुली ने कहा कि कलेक्टर ऑफिस में सड़क बनाने में गड़बड़ियों की शिकायत (Complaint of irregularities in road construction in Collector’s office) मिली है। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर जांच में कॉन्ट्रैक्टर दोषी (contractor guilty) पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और नियम के मुताबिक सड़क बनाई जाएगी। फिलहाल गोदरी खोली मोहल्ले के गांव (At present, the villages of Godri Kholi Mohalla) वाले एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ देख रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें सिर्फ भरोसा नहीं, बल्कि जल्द सड़क चाहिए, ताकि उनकी बेटियों का भविष्य सुरक्षित (Daughters’ future secure) हो सके और बीमारों को समय पर हॉस्पिटल (hospital) पहुंचाया जा सके। गांववालों को उम्मीद है कि इस बार जांच सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे जमीनी स्तर पर बदलाव (grassroots change) आएगा।





