इंदौर शहर में लगातार बढ़ रहा आवारा कुत्तों का आतंक, शहर में काटने की घटनाओं से डर, रोज़ बढ़ते हमलों से लोग परेशान, शहर को समाधान का इंतज़ार
INDORE NEWS: शहर में आवारा कुत्तों (Stray dogs in the city) (स्ट्रीट डॉग्स) की बढ़ती संख्या और उनसे जुड़े कुत्तों के काटने (associated dog bites) के मामले शहरवासियों के लिए बड़ी चिंता (A big concern for the residents) बने हुए हैं। नगर निगम की अधूरी कोशिशों (The municipal corporation’s efforts are incomplete) की वजह से 2026 के शुरुआती महीनों में भी स्थिति गंभीर (situation serious) बनी हुई है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश (Supreme Court orders) के मुताबिक, शिक्षण संस्थानों (educational institutions) , अस्पतालों, बस स्टैंड से कुत्तों को हटाकर शेल्टर (Dogs removed from hospitals, bus stands and shelters) में रखना ज़रूरी है। लेकिन, नगर निगम (Municipal council) ने कोई बड़ा और ठोस कदम नहीं (no concrete steps) उठाया है। हालांकि, मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने ठोस एक्शन प्लान बनाने और नसबंदी तेज़ करने के निर्देश (Instructions to speed up sterilization) दिए हैं। नगर निगम पेट्रोलिंग टीम (Municipal Corporation Patrolling Team) बनाकर 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था (monitoring system) कर रहा है।
वार्ड 39 में भी स्ट्रीट डॉग्स (street dogs) को लेकर हालात बिगड़ते (situation worsens) जा रहे हैं। इस वार्ड के तहत आने वाले खजराना इलाके की कॉलोनियों (Colonies in Khajrana area) और मेन सड़कों पर झुंड (flock to main roads) में घूमने वाले कुत्ते आने-जाने वालों पर भौंकते और दौड़ाते हैं, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का घरों से निकलना मुश्किल (It is difficult for the elderly to leave their homes) हो गया है। इलाके के ज़्यादातर इलाकों में आवारा कुत्तों का आतंक (Stray dogs are a menace in the area) बना हुआ है।
अभी रमजान का महीना (month of ramadan) चल रहा है। ऐसे में नमाज़ और दूसरे धार्मिक कामों (other religious activities) की वजह से देर रात तक ट्रैफिक (traffic) रहता है, वहीं आवारा कुत्तों के झुंड की वजह से लोगों को असुरक्षा का सामना (facing insecurity) करना पड़ रहा है। दिन में स्कूल जाने वाले बच्चे और काम करने वाली महिलाएं भी डर के साये से गुज़रती हैं। स्थानीय नागरिकों (local citizens) ने नगर निगम से मांग (demand from municipal corporation) की है कि बढ़ती समस्या को कंट्रोल (control the growing problem) करने के लिए तुरंत नसबंदी अभियान तेज़ (Immediate sterilization campaign intensified) किया जाए और प्रभावित इलाकों में स्पेशल टीमें तैनात (Special teams deployed in affected areas) की जाएं।





