रेलवे के लोको पायलटों ने मोर्चा खोला, 27 मार्च को जंतर-मंतर पर बड़े आंदोलन का ऐलान, 31 हजार वैकेंसी और भारी काम के बोझ से रेलवे ड्राइवरों में गुस्सा
NEW DELHI: इंडियन रेलवे के लोको पायलटों (Indian Railway Loco Pilots) ने अपनी पेंडिंग मांगों (pending demands) को लेकर 27 मार्च को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का ऐलान (announcement of protest) किया है। ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (All India Loco Running Staff Association) (AILRSA) के मुताबिक, असुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर (unsafe infrastructure) और बहुत ज़्यादा एडमिनिस्ट्रेटिव दबाव (administrative pressure) की वजह से ड्राइवर तनाव में हैं। नियमों के उलट, लोको पायलटों (loco pilots) को लगातार छह से सात रातों तक ड्यूटी पर रहने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जबकि नियम ज़्यादा से ज़्यादा चार रातों की इजाज़त देते हैं। इस स्थिति की वजह से ड्राइवरों की फिजिकल (Because of this, the physical condition of the drivers) और मेंटल हेल्थ पर गंभीर असर (Serious impact on mental health) पड़ रहा है, जिससे रेल सेफ्टी पर भी सवाल (Rail safety also under question) उठ रहे हैं।
रेलवे में लोको रनिंग स्टाफ (Loco Running Staff in Railways) के करीब 31,000 पद खाली पड़े हैं, जिसकी वजह से मौजूदा कर्मचारियों (current employees) को पूरा आराम नहीं मिल पा रहा है। एसोसिएशन का दावा है कि ड्राइवरों को ज़रूरी 16 घंटे के आराम के बजाय सिर्फ़ 14 घंटे के आराम के बाद ड्यूटी पर बुलाया जाता है। इसके अलावा, कई रेलवे इंजनों में अभी भी वॉशरूम जैसी बेसिक सुविधाओं की कमी (Lack of basic facilities) है, जिससे महिला ड्राइवरों को लंबी यात्राओं के दौरान भारी मुश्किलों (Severe difficulties during travel) का सामना करना पड़ता है। लोको पायलट अब किलोमीटर अलाउंस (KMA) में 25 परसेंट बढ़ोतरी और स्टाफ की तुरंत भर्ती (immediate recruitment of staff) की मांग कर रहे हैं।
सिस्टम की अनदेखी से नाराज़ (Angry at the system’s negligence) होकर पिछले महीने 70 से ज़्यादा लोको पायलटों ने मिलकर वॉलंटरी रिटायरमेंट (Loco pilots together opt for voluntary retirement) (VRS) की मांग की है। पायलटों का कहना है कि खराब क्वालिटी के खाने (poor quality food) और रनिंग रूम में असुरक्षित काम के माहौल की वजह से उनकी फैमिली लाइफ पर असर पड़ रहा है। हालांकि रेलवे एडमिनिस्ट्रेशन रनिंग रूम में एयर-कंडीशनर (Air-conditioning in Railway Administration running room) और योगा रूम जैसी सुविधाएं (Facilities like yoga room) देने का दावा करता है, लेकिन ड्राइवर ज़मीन पर संघर्ष (driver struggle on ground) कर रहे हैं। 27 मार्च को होने वाला प्रदर्शन रेलवे के ऑपरेशन (Demonstration Railway Operation) और सरकार की पॉलिसी के खिलाफ (against the government’s policy) एक बड़ा विरोध साबित (proved to be a big protest) हो सकता है।





