EPFO का करोड़ों कर्मचारियों को बड़ा तोहफा, अब सिर्फ 3 दिन में सेटल होंगे PF क्लेम और अपने आप अकाउंट ट्रांसफर होंगे, नए नियमों से मिली बड़ी राहत
NEW DELHI: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees Provident Fund Organization) (EPFO) ने प्राइवेट सेक्टर के करोड़ों कर्मचारियों (Millions of private sector employees) को बड़ा तोहफा (big gift) देते हुए PF निकालने और क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया (Claim settlement process) को तेज कर दिया है। श्रम और रोजगार राज्य मंत्री (Minister of State for Employment) शोभा करंदलाजे ने संसद को बताया कि टेक्नोलॉजी (technology) के बढ़ते इस्तेमाल से अब PF का पैसा सिर्फ 3 दिन में कर्मचारी के अकाउंट (employee accounts) में पहुंच रहा है, जबकि पहले इसमें 20 दिन तक लग जाते थे। चालू वित्त वर्ष में 25 फरवरी, 2026 तक करीब 3.52 करोड़ क्लेम ‘ऑटो मोड’ में सेटल किए जा चुके हैं, जिसमें 51,620 करोड़ रुपये की रकम सीधे लाभार्थियों (amount directly to beneficiaries) तक पहुंची है।
EPFO ने नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों (employees) की सबसे बड़ी सिरदर्दी PF अकाउंट ट्रांसफर की प्रक्रिया (Account transfer process) को भी पूरी तरह आसान कर दिया है। EPF अकाउंट ट्रांसफर (EPF account transfer) करने के लिए अब पुराने एम्प्लॉयर (नियोक्ता) की मंजूरी या कागजी कार्रवाई की जरूरत नहीं होगी; KYC अपडेट होने पर यह प्रोसेस अब ऑटोमैटिक मोड (automatic mode) में पूरा हो जाता है। आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी 2026 तक लगभग 70.5 लाख PF अकाउंट बिना किसी इंसानी दखल के सफलतापूर्वक ट्रांसफर (Successful transfer of interference) हो चुके हैं। इस कदम से डिजिटल इंडिया कैंपेन (Digital India Campaign) को मजबूती मिली है और कर्मचारियों का समय (staff time) बचा है।
EPFO ने पेंशनर्स की सुविधा (EPFO facilitates pensioners) के लिए ‘सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम’ (CPPS) को पूरी तरह से लागू कर दिया है। इस नए सिस्टम (new systems) के शुरू होने से, देश भर में 70 लाख से ज़्यादा पेंशनर्स (pensioners) को बिना किसी देरी या टेक्निकल गलती (technical fault) के हर महीने समय पर पेंशन मिल रही है। सरकार का मकसद पूरे सिस्टम (The government’s aim is to improve the entire system) को ज़्यादा ट्रांसपेरेंट (transparent) और यूज़र-फ्रेंडली (user-friendly) बनाना है, ताकि रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों (employees after retirement) को ऑफिस के चक्कर न लगाने पड़ें। इन सुधारों के बाद, ज़्यादातर EPFO सर्विसेज़ अब ऑनलाइन और ऑटोमेटेड हैं, जिससे सिस्टम में इंसानी गलती की गुंजाइश खत्म हो गई है।





