Rewa MP:चर्चा में रीवा और मऊगंज की विधानसभा सीटे,कट सकती है 2028 विधानसभा मे कुछ विधायकों की सीटें!
रीवा।मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2028 में अभी करीब दो वर्ष का समय है, लेकिन विंध्य क्षेत्र की कुछ सीटों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज होती दिखाई दे रही हैं। रीवा जिले की गुढ विधानसभा सीट और मऊगंज जिले की देवतालाब व मऊगंज विधानसभा सीट को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या भाजपा आगामी चुनाव में इन सीटों पर नए चेहरों को मौका देने पर विचार कर सकती है?
चर्चा के केंद्र में गुढ विधायक नागेंद्र सिंह और देवतालाब विधायक गिरीश गौतम हैं। नागेंद्र सिंह का जन्म 18 अक्टूबर 1942 को हुआ था, जबकि गिरीश गौतम का जन्म 28 मार्च 1953 को हुआ था। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषकों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या भाजपा बढ़ती उम्र को ध्यान में रखते हुए इन सीटों पर नेतृत्व परिवर्तन का फैसला कर सकती है? हालांकि पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है।
गिरीश गौतम भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं और विधानसभा अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर भी रह चुके हैं। इसके बावजूद कुछ राजनीतिक जानकार यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या भाजपा 2028 में युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति अपनाएगी या फिर अनुभवी नेताओं पर ही भरोसा कायम रखेगी?
वहीं मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं कम नहीं हैं। राजनीतिक गलियारों में उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के करीबी नेताओं में गिना जाता है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या प्रदेश की बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों का असर उनके भविष्य पर पड़ सकता है?
प्रदीप पटेल कई बार अपनी ही सरकार के खिलाफ मुखर नजर आए हैं। विभिन्न मुद्दों को लेकर धरना-प्रदर्शन और सार्वजनिक नाराजगी जताने की घटनाएं भी चर्चा का विषय रही हैं। राजनीतिक हलकों में यह भी कहा जाता है कि उनके कुछ कदमों को लेकर सरकार और संगठन की ओर से नाराजगी सामने आई थी।
इन परिस्थितियों को देखते हुए राजनीतिक विश्लेषकों के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि क्या भाजपा 2028 के चुनाव में गुढ, देवतालाब और मऊगंज जैसी महत्वपूर्ण सीटों पर नए उम्मीदवारों की तलाश कर सकती है? क्या संगठन ने इन सीटों पर वैकल्पिक चेहरों का आकलन शुरू कर दिया है? या फिर चुनाव के समय पार्टी एक बार फिर मौजूदा विधायकों पर भरोसा जताएगी?
फिलहाल इन सभी सवालों का कोई आधिकारिक जवाब नहीं है। भाजपा नेतृत्व ने टिकट वितरण को लेकर अभी कोई संकेत नहीं दिया है। लेकिन राजनीतिक चर्चाओं और स्थानीय स्तर पर चल रही अटकलों ने यह बहस जरूर छेड़ दी है कि क्या 2028 के चुनाव में विंध्य क्षेत्र की इन तीन सीटों पर बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं?




