Mauganj MP:विधानसभा देवतालाब में स्थानीय जनप्रतिनिधि विधायक व सांसदों की भूमिका पर उठते सवाल – डॉ. विनोद शुक्ला
मऊगंज ।देवतालाब क्षेत्र की जनता से बड़े-बड़े वायदे करनी वाली भाजपा एवं उसके चुने हुये जनप्रतिनिधियों जनता के साथ धोखा किया है। चाहे वो स्थानीय विधायक हो अथवा सांसद सभी की स्थिति जनता को भ्रमित कर अपना स्वास्थ्य सिद्ध करने तक सीमित रही है। जब चुनाव आते हैं तो यही लोग और उनकी पार्टी के नेता बड़े-बड़े वायदे करते हैं। जनता से वोट लेने के लिये तरह-तरह के हंथकण्डों का प्रयोग करते हैं। किन्तु चुनाव जीतने के बाद फिर वही लोग सत्ता के अहंकार में इस तरह डूब जाते हैं कि उन्हें जनता की भलाई दिखाई ही नहीं देती है। देवतालाब क्षेत्र की यही स्थिति है। लिहाजा आज इस क्षेत्र की जनता स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रही है, चारों तरफ भ्रष्टाचार एवं लूट का आलम दिखाई दे रहा है। पंचायत से जिले तक एक जैसा हाल है। कहीं भूमाफिया, कहीं रेत माफिया तो कहीं योजनाओं की लूट हो रही है, बेरोजगार और युवाओं का भविष्य की कोई चिन्ता नहीं। पहले सपने दिखाये जाते हैं और जीतने के बाद फिर कोई चर्चा नहीं होती। वर्तमान समय पर देवतालाब क्षेत्र में भ्रष्टाचार, अराजकता एवं जनप्रतिनिधियों के प्रति व्यापक असंतोष है। समस्याओं की बात की जाय तो उसका अंबार लगा हुआ है। जिसकी बानगी कुछ इस प्रकार है :-
1. देवतालाब-नईगढ़ी सड़क निर्माण का कार्य लगभग दो वर्षों से चल रहा है जबकि वह आज तक पूर्ण नहीं हो पाया। कई जगह सड़क अधूरी बनाई गई है। जिसके पूर्ण होने या न होने का कोई औचित्य नहीं है। करोड़ों रूपये खर्च हो चुके हैं। किन्तु यहां के जनप्रतिनिधि को कोई चिन्ता नहीं है।
2. सड़क निर्माण के दौरान नगर परिषद नईगढ़ी में कई हैण्डपम्पों को हटा दिया गया, पाट दिया गया, नष्ट कर दिया गया, किन्तु आज तक उसके विकल्प में नये हैण्डपम्पों की स्थापना नहीं हो पाई। जबकि उन्हीं हैण्डपंपों से मुहल्ले के लोगों को पानी मिलता था। इसके चलते वर्तमान में पानी की समस्या देखी जा रही है। क्या जनप्रतिनिधि का इसके लिये कोई दायित्व नहीं है।
3. नईगढ़ी में करोड़ों की लागत से स्टेडियम का निर्माण करवाया गया किन्तु बताते हैं कि स्टेडियम का निर्माण स्वीकृत स्टीमेट एवं डिजाईन के अनुरूप नहीं किया गया। इसके अलावा निर्माण कार्य में गुणवत्ता का भी अभाव है। इस मामले में भी स्थानीय जनप्रतिनिधि मौन हैं।
4. नगर परिषद नईगढ़ी में जितने भी कार्य चल रहे हैं सभी निर्माण अधूरे हैं एवं घटिया स्तर के हैं। सभी कार्यों में ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिये निविदाओं को रिवाईज किया गया। बार-बार पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति के आधार पर कीमतों में वृद्धि की गई। घटिया से घटिया निर्माण कार्य करवाये गये। कमीशन का लंबा खेल किया गया। यहां तक कि फर्जी बिल व्हाउचर तक लगाये गये। जांच हो तो सब कुछ सामने आ सकता है। किन्तु इस मामले में भी स्थानीय जनप्रतिनिधि का कोई मतलब नहीं है।
5. ग्राम पंचायतों में सरपंचों द्वारा अपने सगे संबंधियों को वेंण्डर बनाकर योजनाओं को पलीता लगाया जा रहा है। कई ग्राम पंचायतों में वेण्डर का कार्य सरपंचों के पुत्र, पति या अन्य सगे संबंधी कर रहे हैं। ग्राम पंचायतों को करोड़ों रूपयों का बजट दिया। जाता है किन्तु विकास की तस्वीर आज तक नहीं बदल पाई। विधायक मद एवं सांसद मद की राशि कमीशन के आधार पर दी जाती है। इसलिये कागजों में कार्य पूर्ण होते रहते हैं।
6. देवतालाब विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों की सोलरलाईट घोटाले की जांच हुई किन्तु आज तक अंतिम निर्णय का पता नहीं चला। यह राशि विधायक मद से दी गई थी, सीएसआर से दी गई थी या डीएमएफ से दी गई थी यह भी स्पष्ट नहीं है कई गांवों में सोलर लाईट लगनी थी। कहीं लगी तो घटिया स्तर की जबकि कहीं लगी ही नहीं थी। जबकि करोड़ों का भुगतान कर दिया गया था। इस तरह के घोटालों का अंबार लगा हुआ है।
7. जल जीवन मिशन के तहत हर घर को नल से जल देने का वायदा हुआ था। कई करोड़ खर्च हो गये, जिसे अब जल जीवन मिशन घोटाला के रूप में जाना जाता है। कहीं टोंटी पहुची किन्तु पाइप लाइन नहीं पहुंची कहीं पानी की टंकी बने और टेस्टिंग में ही गिर गई, कहीं वोर हुआ तो कनेक्शन नहीं हुये, ठेकेदारों को करोड़ों का भुगतान कर दिया गया। किसी भी ठकेदार को ब्लैकलिस्टेड नहीं किया गया, किसी भी अधिकारी के खिलाफ आज तक कार्यवाही नहीं हो पाई जनता को मूर्ख बनाया जा रहा है। इस तरह के भ्रष्टाचार की रकम भ्रष्ट अधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों तक पहुंची। यही कारण है कि आज तक स्थानीय जनप्रतिनिधि ने इस मामले में कोई आवाज नहीं उठाई। ऐसे कई मुद्दे हैं जो स्थानीय जनप्रतिनिधि की असफलता एवं जनता के प्रति गैर जिम्मेदारी को दर्शाता है।
डॉ. विनोद शुक्ला कांग्रेस पीसीसी सदस्य विधानसभा क्षेत्र देवतालाब (72) जिला मऊगंज (म.प्र.)मो.नं.9424338571





