Mauganj MP:थाने-चौकी के चक्कर में उलझी रही पुलिस, छात्रा का अपहरण! परिजन लगाते रहे मदद की गुहार, हाईवे पर फूटा गुस्सा!
मऊगंज/हनुमना। मऊगंज जिले के हनुमना क्षेत्र से 19 वर्षीय कॉलेज छात्रा के लापता होने का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि बेटी के अचानक लापता होने के बाद वे मदद और गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए पुलिस थाने और चौकी के चक्कर काटते रहे, लेकिन उन्हें एक जगह से दूसरी जगह भेजा जाता रहा। इसी दौरान छात्रा का मोबाइल बंद हो गया और उसका कोई पता नहीं चल सका। परिजनों ने आशंका जताई है कि उनकी बेटी का अपहरण किया गया है।
कॉलेज से लौटते समय किया फोन, फिर गायब हुई छात्रा
बताया गया कि दुबगमा निवासी 19 वर्षीय छात्रा मऊगंज के शासकीय शहीद केदारनाथ महाविद्यालय में अध्ययनरत है। रोज की तरह वह कॉलेज गई थी। कॉलेज से वापस लौटते समय खटखरी बाजार से उसने अपने परिजनों को फोन कर बताया कि घर पहुंचने में कुछ देर होगी और भाई को हाईवे तक भेजने के लिए कहा।
परिजन उसके इंतजार में रहे। भाई भी हाईवे के पास बहन के आने का इंतजार करता रहा। लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी छात्रा घर नहीं पहुंची। इसके बाद उसका मोबाइल फोन भी बंद आने लगा। इससे परिवार में हड़कंप मच गया।
परिजनों का आरोप-एक थाने से दूसरे थाने भेजती रही पुलिस
बेटी की तलाश में परेशान परिजन हनुमना थाना पहुंचे। आरोप है कि वहां से उन्हें खटखरी चौकी भेज दिया गया। परिजनों के मुताबिक चौकी से उन्हें फिर हनुमना थाना जाने को कहा गया। इसके बाद कथित तौर पर शाहपुर थाना जाने की बात कही गई।
परिजनों का कहना है कि वे अपनी बेटी की तलाश और शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस के चक्कर लगाते रहे, लेकिन इसी दौरान छात्रा का कोई सुराग नहीं मिला।
हालांकि, पुलिस की ओर से इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई की गई और किस स्तर पर शिकायत दर्ज हुई, इसका आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। छात्रा के अपहरण की आशंका की भी पुलिस जांच के बाद ही पुष्टि हो सकेगी।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
एक युवती के अचानक लापता होने के मामले में यदि परिजनों को अलग-अलग थानों और चौकियों के बीच भेजे जाने की बात सही है, तो यह पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। ऐसे मामलों में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यही वजह है कि परिजन पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठा रहे हैं और बेटी की जल्द से जल्द सकुशल बरामदगी की मांग कर रहे हैं।
हाईवे पर चक्काजाम, पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी
बेटी का सुराग नहीं मिलने और पुलिस की कथित लापरवाही से नाराज परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हाईवे पर चक्काजाम कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और छात्रा को जल्द से जल्द तलाश कर सकुशल घर लाने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप था कि यदि समय रहते पुलिस सक्रिय होती तो छात्रा की तलाश में तेजी लाई जा सकती थी।
तहसीलदार के आश्वासन के बाद खुला जाम
हाईवे पर चक्काजाम की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। तहसीलदार ने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत की तथा मामले की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कार्रवाई और छात्रा की जल्द बरामदगी के लिए प्रयास किए जाने का आश्वासन दिया।
काफी समझाइश और कार्रवाई के भरोसे के बाद प्रदर्शनकारियों ने हाईवे से जाम हटाया।
सबसे बड़ा सवाल-लापता छात्रा कब मिलेगी?
फिलहाल परिवार की सबसे बड़ी चिंता अपनी बेटी की सकुशल वापसी है। पुलिस के सामने चुनौती छात्रा का पता लगाने के साथ-साथ यह भी स्पष्ट करने की है कि वह किन परिस्थितियों में लापता हुई।
मामले में क्या वास्तव में छात्रा का अपहरण हुआ है, पुलिस को शिकायत मिलने के बाद क्या कार्रवाई की गई और परिजनों को अलग-अलग थाने-चौकी क्यों भेजा गया—इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।
अब देखना होगा कि पुलिस छात्रा को कितनी जल्दी सकुशल बरामद करती है और यदि पुलिस स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।





