Rewa MP:भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार जिला पंचायत सीईओ ने पूर्व सरपंच और सचिव को जेल भेजने के दिए निर्देश!
धारा 92(2) के तहत वसूली न जमा करने पर वारंट जारी, थाना प्रभारी को तत्काल कार्रवाई के आदेश
रीवा .जिले के जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान अंतर्गत ग्राम पंचायत जोगिंनहाई में सरकारी धन के दुरुपयोग और गबन का एक बड़ा मामला सामने आया है।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मेहताब सिंह गुर्जर ने कड़ा रुख अपनाते हुए ग्राम पंचायत जोगिंनहाई के पूर्व सरपंच औसरी कोल और तत्कालीन सचिव धीरज सिंह के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं।
क्या है पूरा मामला
ग्राम पंचायत जोगिंनहाई में विकास कार्यों के लिए आवंटित शासकीय राशि के गबन और वित्तीय अनियमितताओं के चलते पूर्व सरपंच और सचिव लंबे समय से जांच के घेरे में थे। जांच के उपरांत दोषियों पर वसूली की राशि निर्धारित की गई थी,जिसे जमा करने हेतु उन्हें पर्याप्त समय और अवसर प्रदान किया गया था।
वसूली में लापरवाही पड़ी भारी
पंचायत राज अधिनियम की धारा 92 के तहत वसूली की कार्यवाही के बावजूद, पूर्व सरपंच औसरी कोल और तत्कालीन सचिव धीरज सिंह द्वारा शासकीय राशि शासकीय कोष में जमा नहीं कराई गई। इस हठधर्मिता और सरकारी आदेशों की अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए,जिला पंचायत सीईओ मेहताब सिंह गुर्जर ने दोनों के विरुद्ध धारा 92(2) के तहत गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है।
थाना प्रभारी को तत्काल कार्यवाही के निर्देश
जिला पंचायत सीईओ ने थाना प्रभारी रायपुर कर्चुलियान को आधिकारिक पत्र जारी कर निर्देशित किया है कि दोनों दोषियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि यदि वसूली की राशि जमा नहीं की जाती है,तो उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर सेंट्रल जेल रीवा की सुपुर्दगी में भेजा जाए।सीईओ ने इस बात पर नाराजगी जताई है कि उन्हें अब तक इस संबंध में जेल सुपुर्दगी की जानकारी से अवगत नहीं कराया गया है।उन्होंने पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया है कि भ्रष्टाचारियों को जेल भेजकर तत्काल अधोहस्ताक्षरी कार्यालय को सूचित किया जाए।
प्रशासन की भ्रष्टाचारियों को चेतावनी
इस कार्रवाई से जिले भर की ग्राम पंचायतों में हड़कंप मच गया है। जिला पंचायत सीईओ मेहताब सिंह गुर्जर ने स्पष्ट किया है कि शासकीय धन का दुरुपयोग करने वाले किसी भी जनप्रतिनिधि या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।विकास कार्यों में पारदर्शिता लाना और भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है।





