Rewa MP:सरकारी गाड़ी सरकारी ठाठ रायपुर कर्चुलियान जनपद में शासकीय वाहन के दुरुपयोग का खुला खेल!
फील्ड से नदारद एपीओ का वाहन रीवा से जनपद की दूरी नापने में व्यस्त, फर्जी लॉगबुक से राशि का किया जा रहा आहरण
रीवा .जिले के जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान में शासन के नियमों को ताक पर रखकर शासकीय संसाधनों के दुरुपयोग का एक बड़ा मामला सामने आया है।शासन द्वारा ग्रामीण विकास और फील्ड मॉनिटरिंग के लिए आवंटित किए गए वाहन का उपयोग एपीओ द्वारा निजी स्वार्थों के लिए किया जा रहा है,जबकि कागजों में फर्जी तरीके से सरकारी खजाने से राशि का आहरण जारी है।
नियमों की अनदेखी और निजी उपयोग
प्राप्त जानकारी के अनुसार रायपुर कर्चुलियान जनपद में पदस्थ एपीओ गोविंद नारायण श्रीवास्तव के लिए एक शासकीय वाहन उपलब्ध कराया गया है।कलेक्टर के स्पष्ट निर्देश हैं कि इस वाहन का उपयोग मुख्य रूप से फील्ड के दौरों और विकास कार्यों की समीक्षा के लिए किया जाना चाहिए।लेकिन वास्तविकता इसके ठीक उलट है।यह वाहन फील्ड में विकास कार्यों का जायजा लेने के बजाय प्रतिदिन रीवा शहर से जनपद कार्यालय के बीच की दूरी तय करने में लगा रहता है।सूत्रों का कहना है कि यह वाहन फील्ड में शायद ही कभी दिखाई देता है,जबकि इसके डीजल और रखरखाव के नाम पर शासन से नियमित रूप से भुगतान प्राप्त किया जा रहा है।
एसडीओ के हिस्से का भी उपयोग
एपीओ के लिए उपलब्ध यह वाहन महीने में 15 दिन एसडीओ और 15 दिन एपीओ के उपयोग के लिए निर्धारित है। हालांकि, वर्तमान एसडीओ अनिल तिवारी रीवा जनपद में पदस्थ हैं, और रायपुर जनपद का प्रभार है जिसके कारण रायपुर कर्चुलियान के इस वाहन से उनका कोई सीधा सरोकार नहीं रहता। इस स्थिति का फायदा उठाते हुए एपीओ गोविंद नारायण श्रीवास्तव ने वाहन पर अपना एकाधिकार जमा लिए है और इसका पूर्णतः व्यक्तिगत उपयोग कर रहे हैं।
लॉगबुक और रूट डायरी में हेरफेर की आशंका
आरोप है कि वाहन की लॉगबुक रूट डायरी में फर्जी प्रविष्टियां की जा रही हैं ताकि सरकारी बजट को ठिकाने लगाया जा सके। यदि इस वाहन की रूट डायरी और वास्तविक लोकेशन की उच्च स्तरीय जांच की जाए, तो एक बड़ा घोटाला सामने आ सकता है।फील्ड में न जाकर केवल घर से दफ्तर और निजी कार्यों में वाहन दौड़ाने के बावजूद लॉगबुक में फील्ड विजिट दिखाकर जनता की गाढ़ी कमाई का दुरुपयोग किया जा रहा है।
कलेक्टर के निर्देशों की अवहेलना
एक ओर जहां जिला प्रशासन और कलेक्टर रीवा द्वारा अधिकारियों को निरंतर फील्ड में रहकर जनसमस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए जाते हैं,वहीं रायपुर कर्चुलियान में अधिकारी इन निर्देशों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। वाहन का निजी उपयोग और फर्जी बिलिंग न केवल प्रशासनिक भ्रष्टाचार को दर्शाता है बल्कि शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में भी बाधक बन रहा है।





