Mauganj MP:पापा माफ करना, अब हिम्मत नहीं’ – नीट पेपर लीक ने ली होनहार बेटी की जान!
डॉक्टर बनने का सपना टूटा तो आकांक्षा ने लिखा आखिरी खत, पिता को लकवा मार गया
राहुल गांधी तक पहुंची गूंज: NSUI ने कराई परिवार से बात, ₹3 लाख की मदद पहुंचाई
मऊगंज/रीवा। नईगढ़ी तहसील के एक छोटे से घर से डॉक्टर बनने का सपना लेकर निकली 20 साल की आकांक्षा चतुर्वेदी की कहानी का अंत बेहद दर्दनाक हुआ। नीट पेपर लीक की खबर ने उस बेटी की हिम्मत तोड़ दी जिसने दिन-रात एक कर मेडिकल की तैयारी की थी। 20 मई को आकांक्षा ने नागपुर में आत्महत्या कर ली।
आखिरी खत में छलका दर्द
आकांक्षा ने सुसाइड नोट में लिखा – “सॉरी मम्मी-पापा, मैंने अपना सब कुछ बर्बाद कर दिया! आपसे वादा किया था कि आपकी बेटी डॉक्टर बनेगी। पहले पेपर में अच्छे मार्क्स आए थे, लेकिन अब दोबारा नीट देने की हिम्मत नहीं बची। सॉरी मम्मी-पापा, मैं सब बर्बाद कर दिया।”
ये शब्द सिर्फ एक परिवार का नहीं, सिस्टम से हारे उन लाखों छात्रों का दर्द हैं जो सालों की तपस्या के बाद परीक्षा देते हैं।
पिता ICU में, घर में मातम
बेटी की मौत का सदमा पिता बर्दाश्त नहीं कर पाए। उन्हें पैरालिसिस अटैक आया और नागपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिवार की आर्थिक हालत पहले से ही कमजोर थी।
नागपुर से मऊगंज तक गूंज
खबर आग की तरह फैली। पहले NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने राहुल गांधी से बात कराने का वादा किया। वादा निभाते हुए पूर्व NSUI प्रदेश अध्यक्ष मंजुल त्रिपाठी नई गाड़ी गांव पहुंचे और आकांक्षा के चाचा की राहुल गांधी से फोन पर बात कराई।
राहुल गांधी ने गहरी संवेदना जताते हुए कहा, “आकांक्षा के साथ अन्याय हुआ है। निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई जरूरी है। कांग्रेस इस न्याय की लड़ाई में परिवार के साथ खड़ी है।”
इंसाफ के साथ मदद भी
NSUI ने परिवार को पहले ₹2.50 लाख की मदद दी थी। अब KCC लोन की शेष ₹50 हजार राशि भी सौंप दी गई। कुल ₹3 लाख की आर्थिक सहायता पहुंचाई जा चुकी है।





