Mauganj MP:तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम पर: परेशान किसान गले में फंदा डालकर पहुंचा लोक सेवा केंद्र!
हनुमना। नवनर्मित बिले मऊगंज के हनुमना तहसील कार्यालय से व्यवस्था को शर्मसार करने वाली एक तस्वीर सामने आई है। संवाददाता को स्थानीय निवासियों ने बताया कि तहसील कार्यालय में फैले कथित भ्रष्टाचार और अपनी जायज फाइल के लिए महीनों से चकर काट रहे एक पीड़ित किसान का धैर्य इस कदर जवाब दे गया कि वह विरोध स्वरूप अपने गले में मवेशियों को बांधने वाली रस्सी डालकर सीधे लोक सेवा केंद्र हनुमना पहुंच गया। किसान का यह अनोखा और दर्दभरा विरोध प्रदर्शन देख परिसर में हड़कंप मच गया। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
विराट वसुंधरा इसकी पुष्टि नहीं करता। क्या है पूरा मामला ? संवाददाता को स्थानीय निवासियों ने बताया कि पीड़ित किसान की फाइल तहसील कार्यालय हनुमना में वारसाना (उत्तराधिकार नामांतरण) की फाइल का निराकरण कराने के लिए लंबे समय से हनुमना तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहा था। आरोप है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उसकी फाइल को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा था और काम के बदले कथित रूप से रिश्वत की मांग की जा रही थी। तहसील कार्यालय की इस हीलाहवाली और आर्थिक-मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर किसान ने यह आत्मघाती और अनोखा कदम उठाया। जब प्रशासन हमारी सुन ही नहीं रहा है और हमें मवेशियों की तरह समझा जा रहा है, तो फिर इंसानों की तरह जीने का क्या फायदा? दफ्तरों में बिना पैसे के कोई कागज आगे नहीं खिसकता।
प्रशासनिक अमले में मचा हड़कंप :
जैसे ही किसान के गले में रस्सी डालकर लोक सेवा केंद्र पहुंचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम और तहसीलदार तत्काल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने सबसे पहले पीड़ित किसान को समझा-बुझाकर शांत कराया और उसके गले से रस्सी हटवाई।
जांच के आदेश, कार्रवाई का आश्वासन वीडियो वायरल होने के बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम ने लोक सेवा संचालक के खिलाफ नोटिस जारी करने के दिए निर्देश और संबंधित पटल के कर्मचारियों से फाइल की स्थिति की जानकारी प्रक्रिया में देरी हुई है। अधिकारियों ने माना।
फाइल का त्वरित निराकरण : एसडीएम ने मौके पर ही किसान की वारसाना फाइल का तत्काल वैधानिक निराकरण करने के निर्देश दिए। तहसील कार्यालय में लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए अधिकारियों ने निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जो भी कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सवालों के घेरे में हनुमना तहसील प्रशासन इस घटना ने एक बार फिर राजस्व विभागों में होने वाली देरी और भ्रष्टाचार के दावों को हवा दे दी है। सरकार भले ही लोक सेवा गारंटी और सुशासन के बड़े-बड़े दावे करे, लेकिन जमीनी स्तर पर एक अदद वारसाना की फाइल के लिए किसान का इस तरह मजबूर होना पूरी प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।





