MP news:केंद्र की संवेदनहीनता और राज्य सरकार की लाचारी ने मध्य प्रदेश के गरीब कैंसर मरीजों को मौत के मुँह में धकेल दिया है: उमंग सिंगार
वैश्विक युद्ध का बहाना बनाकर केंद्र सरकार ने कैंसर की अत्यंत आवश्यक दवाओं के दाम 50% तक बढ़ाने की क्रूर अनुमति दे दी है। इसके बाद मध्य प्रदेश में जीवन रक्षक दवाएं बेहद महंगी हो चुकी हैं।
– मरीजों पर दोहरा प्रहार: दवाओं की कीमतों में इस भारी वृद्धि से एक बार की कीमोथेरेपी साइकिल का खर्च 2,000 से 3,000 रुपये तक बढ़ गया है।
– कमरतोड़ आर्थिक बोझ: जिन गंभीर मरीजों को मल्टीपल कीमो साइकिल (6 से 12 साइकिल) की जरूरत होती है, उनका कुल इलाज 15,000 से 20,000 रुपये तक महंगा हो गया है। यह गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की आर्थिक रूप से रीढ़ तोड़ने वाला है।
– दवाएं अब भी गायब: सबसे शर्मनाक बात यह है कि दाम 50% बढ़ाए जाने के बावजूद बाजार से ‘प्लैटिनम-बेस्ड’ (Cisplatin & Carboplatin) जरूरी दवाइयां अब भी गायब हैं! ब्लैक मार्केटिंग का गंदा खेल धड़ल्ले से चल रहा है।
हमारी स्पष्ट मांग है:
जब तक दवा कंपनियाँ दाम कम नहीं करतीं और बाजार में दवाओं की किल्लत दूर नहीं होती, तब तक सरकार आयुष्मान योजना के तहत कैंसर मरीजों के लिए इलाज की लिमिट को तुरंत दोगुना करे!
मरीजों का इलाज पैसों की कमी या दवाओं की कमी के कारण बीच में नहीं छूटना चाहिए। अपनी कुर्सी बचाने में व्यस्त सरकार को विज्ञापन छोड़, इस गंभीर स्वास्थ्य संकट पर तुरंत ध्यान देना होगा!




