Rewa MP:APSU रीवा में सुरक्षा के नाम पर ‘महाघोटाला’ 15 हजार लेकर 7,400 दे रही कंपनी, 77 के नाम पर 35 गार्ड तैनात!
कुलपति-रजिस्ट्रार की नाक के नीचे चल रहा फर्जीवाड़ा,भोपाल की वीआईएस सिक्योरिटी एजेंसी पर शोषण का आरोप यूथ कांग्रेस-NSUI उतरे समर्थन मे
रीवा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा खेल सामने आया है। भोपाल की ‘वीआईएस सिक्योरिटी एजेंसी’ पर सुरक्षाकर्मियों ने गंभीर आर्थिक शोषण का आरोप लगाते हुए परिसर में धरना शुरू कर दिया है। यूथ कांग्रेस और NSUI के छात्र नेता भी गार्डों के समर्थन में उतर आए हैं।
15 हजार का बिल, 7,400 का वेतन
आंदोलन कर रहे सुरक्षा गार्डों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन विगत 3 साल से उनका शोषण कर रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन से प्रति कर्मचारी करीब 15 हजार रुपये का भुगतान लिया जा रहा है, लेकिन ग्राउंड पर तैनात गार्डों को सिर्फ 7,400 रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है।
PF में भी धोखा: 1800 का वादा, 300 थमाए
गार्डों ने बताया कि उन्हें PF के नाम पर सिर्फ 300 रुपये दिए जा रहे हैं, जबकि नियुक्ति के समय 1800 रुपये PF का वादा किया गया था। वेतन वृद्धि या हक मांगने पर कंपनी के अधिकारी सीधे नौकरी से निकालने की धमकी देते हैं। जायज छुट्टी लेने पर भी मोबाइल पर ‘नौकरी से हटाए जाने’ के मैसेज भेज दिए जाते हैं।
77 का भुगतान, 35 गार्ड ड्यूटी पर
छात्र नेताओं ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि कागजों पर 77 कर्मचारियों का भुगतान उठाया जा रहा है, जबकि मौके पर केवल 30 से 35 गार्ड ही तैनात हैं। यह फर्जीवाड़ा कुलपति, रजिस्ट्रार और श्रम विभाग की नाक के नीचे चल रहा है, जो बड़े भ्रष्टाचार और सांठगांठ की तरफ इशारा करता है।
काम बंद, ज्ञापन सौंपा
फिलहाल पीड़ित सुरक्षाकर्मियों ने काम बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उन्होंने कुलपति को ज्ञापन सौंपकर पूरे घोटाले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
सवाल:जब विश्वविद्यालय की सुरक्षा करने वाले ही असुरक्षित हों, तो छात्रों की सुरक्षा का क्या होगा?
प्रशासन का पक्ष:खबर लिखे जाने तक विश्वविद्यालय प्रशासन और वीआईएस एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।





