Rewa MP:अतिक्रमण पर सवाल! क्या नगर निगम के संरक्षण में सज रही हैं अवैध गुमटियां?
रीवा। शहर में अतिक्रमण को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि पुराना न्यायालय भवन परिसर, कोठी शिव मंदिर के सामने तथा शिल्पी प्लाजा के पीछे के क्षेत्रों में लोहे की गुमटियां रखवाकर बड़े पैमाने पर सार्वजनिक भूमि पर कब्जा कराया गया है। स्थानीय लोगों और कुछ दुकानदारों का दावा है कि इन अतिक्रमणों को हटाने के बजाय उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है।
नाम न छापने की शर्त पर कुछ दुकानदारों ने आरोप लगाया कि गुमटी लगाने और स्थान उपलब्ध कराने के नाम पर कथित तौर पर हजारों रुपये की वसूली की जाती है। आरोपों के अनुसार किसी से 5 हजार, किसी से 10 हजार तो किसी से 25 हजार रुपये तक लिए जाने की चर्चा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई स्थानों पर एक ही व्यक्ति द्वारा कई-कई गुमटियां रखकर सार्वजनिक भूमि पर कब्जा किया गया है। इतना ही नहीं, कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि कब्जा की गई गुमटियों और दुकानों को किराए पर भी दिया जा रहा है, जिससे अवैध कब्जे का एक समानांतर कारोबार खड़ा होता दिखाई दे रहा है। इससे न केवल यातायात और आमजन की आवाजाही प्रभावित हो रही है, बल्कि नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब नगर निगम समय-समय पर अतिक्रमण हटाने के अभियान चलाता है, तो फिर शहर के प्रमुख स्थानों पर लगातार बढ़ रहे इन कब्जों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। नागरिकों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों तथा अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अब देखना यह होगा कि नगर निगम प्रशासन और आयुक्त इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेते हैं और शहर की सार्वजनिक जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए क्या कदम उठाते हैं।




