Bhopal MP:सीधी बात: मंत्री के बंगले पर ट्रांसफर की डील?..”पेमेंट नकद लाए हो?” — कैमरे में कैद हुई लाखों की सौदेबाजी!
भोपाल।मध्यप्रदेश में हालिया तबादलों को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। स्टिंग ऑपरेशन में मंत्री के बंगले पर कथित तौर पर ट्रांसफर के बदले पैसों की मांग और सौदेबाजी कैमरे में कैद होने का दावा किया गया है।
📍 12 जून, कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना का सरकारी बंगला
रिपोर्टर की मुलाकात वहां मौजूद रोहन और अशोक कुमार बाथम से हुई। रोहन ने स्वयं को मंत्री का पीए बताया, जबकि अशोक कुमार बाथम मंत्री के स्टाफ का कर्मचारी बताया गया। बातचीत के दौरान तबादले, पसंदीदा पोस्टिंग और प्रक्रिया को लेकर चर्चा हुई।
🔹 बातचीत कुछ इस तरह हुई…
अशोक कुमार बाथम: “सोते हुए आए हो क्या इतनी लेट?”
रिपोर्टर: “हां सर, थोड़ा लेट हो गया।”
अशोक कुमार बाथम: “जबलपुर में कहां जाना है?”
रिपोर्टर: “आसपास कहीं भी करवा दीजिए।”
अशोक कुमार बाथम: “पेमेंट नकद लाए हो?”
रिपोर्टर: “अभी तो साथ में नहीं लाया हूं।”
अशोक कुमार बाथम: “कब दोगे फिर?”
रिपोर्टर: “जब आप कहेंगे, आज या कल में दे दूंगा।”
इसके बाद काफी देर तक कमरे में सरकारी फाइलों और अन्य मामलों को लेकर चर्चा होती रही। कुछ समय बाद रोहन ने फिर बातचीत का रुख रिपोर्टर की ओर मोड़ा।
रोहन: “इन भैया की क्या समस्या है, इनको निपटा दो अब।”
अशोक कुमार बाथम: “ठीक है, निपटा दो।”
फिर रिपोर्टर की तरफ देखते हुए अशोक कुमार बाथम ने कहा—
👉 “भैया, वैसे तो अब सारा कारोबार (तबादलों का खेल) बंद हो गया है। लेकिन यदि तुम ढाई लाख रुपए तक खर्च कर सकते हो, तो आ जाना… नंबर ले लो और फोन कर लेना।”
इसके बाद रोहन ने एक कागज पर अपना मोबाइल नंबर लिखकर रिपोर्टर को दे दिया।
❓ सवाल यह है कि यदि तबादला प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है, तो मंत्री के सरकारी बंगले पर इस तरह की बातचीत क्यों हो रही थी?
❓ क्या यह सिर्फ कुछ कर्मचारियों की व्यक्तिगत बातचीत है या फिर तबादला उद्योग की बड़ी तस्वीर का एक हिस्सा?
मामले ने प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नोट – यह स्टिंग ऑपरेशन दैनिक भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम ने किया है ।




