IAS अधिकारियों का महाघोटाला! 2 पहुंचे जेल, एक फरार; 5 पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार
हरियाणा में ₹657 करोड़ के बैंक घोटाले से हड़कंप। CBI ने 2 IAS को किया गिरफ्तार, सस्पेंड IAS प्रदीप कुमार फरार। 5 अन्य अधिकारी रडार पर। फर्जी कंपनियों में भेजे गए करोड़ों रुपये।
हरियाणा में 657 करोड़ रुपये के बड़े बैंक घोटाले में कई आईएएस अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस मामले में सीबीआई ने अब तक दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक सस्पेंड आईएएस अधिकारी फरार है। इसके अलावा, पांच अन्य आईएएस अधिकारी भी जांच एजेंसी के रडार पर हैं और उन पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।
कैसे रची गई 657 करोड़ के घोटाले की साजिश?
इस महाघोटाले में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के अधिकारियों ने कथित तौर पर हरियाणा सरकार के कर्मचारियों और आईएएस अधिकारियों के साथ मिलीभगत की। इस गठजोड़ ने राज्य के आठ विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन के दो विभागों से फंड की हेराफेरी करके 657 करोड़ रुपये का घोटाला किया।
169 करोड़ के गबन में IAS प्रदीप कुमार की तलाश
ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में सस्पेंड किए गए 2011 बैच के आईएएस अधिकारी प्रदीप कुमार फरार चल रहे हैं। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, वे अपने गुरुग्राम स्थित घर से गायब हैं और उनका मोबाइल फोन भी लगातार ‘स्विच ऑफ’ आ रहा है।
प्रदीप कुमार पर आरोप है कि उन्होंने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) के मेंबर सेक्रेटरी (31 अगस्त 2022 से 10 दिसंबर 2025 तक) रहते हुए आईडीएफसी बैंक में खोले गए एक खाते से 169 करोड़ रुपये का गबन किया।





